
कोटा. शहर में अवैध शराब का कारोबार पुलिस संरक्षण में ही चल रहा है। रात को सड़कों पर खुले आम शराब ( illegal wine supply ) बेचने वाले हर वक्त पुलिस ( police ) के सम्पर्क में रहते हैं। यदि उन्हें कोई रोकता-टोकता है तो वे पुलिस की धमकी देते हैं। पत्रिका ने शहर के कई इलाकों में घूमकर अवैध कारोबार का स्टिंग ऑपरेशन ( sting operation ) कर मामले का खुलासा किया है।
संतोषी नगर क्षेत्र में जब संवाददाता ने शराब तस्कर ( Wine Mafia ) का फोटो खींचना चाहा तो उसने मोबाइल छीन कर धमकी देते हुए कहा, फोटो क्या खींचता है, ले मेरे मोबाइल से पुलिस से बात कर। जब संवाददाता ने बात की तो पुलिस ने नाम-पता पूछा। जब पत्रिका का नाम सुना तो उसने फोन कट कर दिया। यह देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि उन्हें पुलिस का कितना संरक्षण मिला हुआ है।
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ठेकेदारों से पुलिस वसूलती है 60 रुपए प्रतिमाह
शराब कारोबारियों के मुताबिक, अंग्रेजी शराब की हर दुकान से औसतन 15 हजार रुपए महीने और देशी की दुकानों से उनकी बिक्री के मुताबिक तीन हजार से लेकर 45 हजार रुपए तक की बंधी इलाके की पुलिस वसूलती है। कुल मिलाकर 60 हजार रुपए पुलिस की जेब में जाते हैं। इसकी एवज में ग्राहकों को दुकान के अंदर बैठकर शराब पिलाने, दुकान के बाहर या आसपास खुले में शराब पीने और तय समय के बाद भी चोर खिड़की से शराब बेचने की खुली छूट मिलती है।
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रोजाना की बंधी तय
अवैध शराब बेचने वालों के मुताबिक उनके हर ठिकाने की खबर इलाके की पुलिस को रहती है। धंधा बेरोकटोक चलता रहे इसके लिए वह इनसे एक हजार रुपए से लेकर पांच हजार रुपए रोज तक की बंधी वसूलते हैं। इसके एवज में कोई झगड़ा फसाद होने पर उसे निपटाने की भी गारंटी लेते हैं। पटेल मार्केट का गोलू इसकी जीती जागती मिसाल है।
होम डिलीवरी की सुविधा
यदि आपकों देर रात को शराब चाहिए तो तस्कर होम डिलीवरी की भी सुविधा देते हैं। शराब माफिया मनचाहे ब्रांड की बोतल घर तक पहुंचाने को 24 घंटे तैयार बैठे हैं। बस इसके लिए 150 रुपए से लेकर 500 रुपए तक एक्स्ट्रा जेब ढीली करनी पड़ेगी। पुलिस की टेंशन मत लीजिए, क्योंकि अवैध शराब की खरीद-फरोख्त का पूरा धंधा खाकी के संरक्षण में ही चल रहा है।
इन्हें बस माल बेचने से मतलब
आबकारी विभाग खपत ज्यादा से ज्यादा बढ़ाने के चक्कर में इस गोरखधंधे से आंखें मूंदे बैठे रहता है। यही वजह है कि इस वित्त वर्ष में आबकारी अफसर पूरे जिले में अवैध शराब बेचने के सिर्फ 44 मामले ही पकड़ पाए और शहरी सीमा में खुली देशी की 125 देशी और अंग्रेजी शराब की 53 दुकानों में से सिर्फ 19 के खिलाफ ही देर तक दुकान खुलने और ओवररेट शराब बेचने के मामले दर्ज कर सका है।
गोलू तस्कर ने पुलिस से करवाई बात
तीन बत्ती सर्किल के पास पटेल मार्केट में शुक्रवार रात करीब साढ़े दस बजे गोलू नाम का युवक धड़ल्ले से अवैध शराब बेच रहा था। पत्रिका संवाददाता ने जब वीडियो बनाना शुरू किया तो उसने मोबाइल छीन लिया और किसी पुलिस कर्मी को बुलाने की धमकी देने लगा। बात बढ़ी तो फोन भी कर डाला, लेकिन पुलिस वाले ने जैसे ही अखबार का नाम सुना फोन काटना ही बेहतर समझा।
26 मई को देशी शराब का ठेका चलाने वाले एक अनुज्ञापित धारक ने पुलिस को फोन कर गोबरिया बावड़ी चौराहे पर दिनदहाड़े अवैध शराब बेचने की शिकायत की। पुलिस ने मौके से अजय की हत्या के मुख्य अभियुक्त बुधराज गुर्जर को मौके से डेढ़ पेटी देशी अवैध शराब के साथ धर दबोचा, लेकिन उसे रात होते ही छोड़ दिया गया।
चोरी छिपे अवैध तरीके से जो भी शराब बेच रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पुलिस कर्मियों की मिलीभगत के आरोप सही नहीं हैं। हमने अवैध शराब बेचने वालों और दुकानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए टीमें गठित कर दी हैं। जो आज से ही देर रात तक पूरे शहर में गश्त कर असमाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगी।
रामलाल मीणा, सीओ आबकारी