
कोटा. नव विवाहिता दुल्हन अपहरण कांड ( kota Bride Kidnap Case ) में पुलिस (police ) के रवैये से दुखी पिता की सदसे से मौत के बाद लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। एमबीएस अस्पताल की मोचरी के बाहर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। मौत की खबर शहर में आग की तरह फैल गई। जैसे जैसे दिन चढ़ता गया वैसे वैसे लोगों के कदम एमबीएस अस्पताल ( MBS Hospital ) की ओर बढ़ते चले गए। यहां सभी लोगों के चेहरों पर गुस्सा व आंखों में पुलिस की लापरवाही के खिलाफ आक्रोश था।
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परिजनों के साथ आए क्षेत्रवासियों ने मोर्चरी के बाहर जमकर हंगामा कर दिया और मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों से भिड़ गए। अधिकारी समझाइश करते रहे लेकिन लोगों के गुस्सा देख तुरंत कार्रवाई का भरोसा दिलाने में जुट गए। लोगों ने पीडित परजनों को 5 लाख का मुआवजा देने की मांग की है।
परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि अपहर्ता को गिरफ्तार व दुल्हन को नहीं ढूंढे जाने तक शव नहीं उठाएंगे और न ही अंतिम संस्कार करेंगे। इस दौरान बीच-बीच में पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारे लगते रहे। विधायक संदीप शर्मा ने पुलिस अधिकारियों द्वारा समय पर कार्रवाई नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई। हमेशा की तरह पुलिस अभी भी कार्यवाही की बात कह रही है। अब देखना होगा कि आमजन को सुरक्षा देने का वादा करने वाली पुलिस कब एक मृत पिता और गमजदा परिवार को इंसाफ दिलाती है और बदमाश को उसके असली ठिकाने यानी जेल की काल कोठरी तक पहुंचाती है।
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आखिर हिम्मत हार गया पिता
दुल्हन के अपहरण की खबर लगते ही दुल्हन शोभा के पिता नंदलाल कुन्हाड़ी थाने पहुंचे, जहां से पुलिस ने उन्हें घटनास्थल किशोरपुरा का होने का हवाला देकर वहां भेज दिया। जहां पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस ने तीन दिन तक मामले को दबाए रखा। वे 4 दिन तक लगातार कुन्हाड़ी से किशोरपुरा थाने तक के चक्कर लगाए लेकिन पुलिस कार्रवाई के नाम पर आश्वासन देती रही। इससे वे बेहद तनाव में थे और पांचवे दिन उनकी हिम्मत टूट गई ओर अपनी बेटी को खोने के गम में जिंदगी को अलविदा कह दिया। परिवार में पहले ही अपनी नवविवाहिता बेटी के अपहरण का सदमा था वहीं अब हिम्मत हार चुके एक लाचार पिता की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया।