
कोटा. शहर के तलवंडी इलाके में दो दिन पहले सोमवार रात को हॉस्टल में भीषण आग के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। आग के कारणों की जांच के लिए जिला कलक्टर मुक्तानन्द अग्रवाल ने छह सदस्यीय समिति का गठन किया। कमेटी ने मौके पर जाकर हॉस्टल की जांच की। इस दौरान कई खामियां मिलने पर बुधवार को हॉस्टल सीज कर दिया। इसके विरोध में होस्टल संचालक हिम्मत सिंह हाड़ा कार्रवाई के विरोध में घर के बाहर ही धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि वे केईडीएल का लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। इसलिए उन्हें फंसाया गया है।
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समिति ने तलवंडी स्थित हॉस्टल का मौका मुआयना कर आग के कारणों एवं उससे प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। समिति स्थानीय नागरिकों से भी मिली तथा उनके विचार भी जाने।
गौरतलब है कि तलवंडी में सोमवार रात एक तीन मंजिला हॉस्टल में आग लग गई थी। इस दौरान करीब 28 बच्चे रह रहे थे। हॉस्टल के एक ही कमरे में पांच विद्यार्थी फंसे हुए थे। रात करीब 10.5 बजे भूतल पर आग लगी। आग लगते ही पूरे हॉस्टल में धुआं ही धुंआ हो गया। अचानक हुए हादसे से बच्चे घबरा गए। आग लगने के बाद आसपास के लोग एकत्र हो गए। पुलिस और दमकल को इसकी सूचना दी। मौहल्ले के लोगों ने बच्चों को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू करना शुरू कर दिया। सीढ़ी और साड़ी के सहारे बच्चों को बगल के मकान की छत पर उतारा। इसी बीच पुलिस पहुंच गई और करीब आधा घंटे में दमकल पहुंची। जब तक भूतल वाले पूरे भाग में आग फैल चुकी थी। देर रात को रेस्क्यू कर बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया गया था।
यह हैं जांच समिति में शामिल
जिला कलक्टर की ओर से जारी आदेश के अनुसार जांच समिति में अतिरिक्त शहर जिला कलक्टर आरडी मीणा, निगम आयुक्त नरेन्द्र कुमार गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश मील, जयपुर विद्युत वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता एससी जांगीड, निगम के मुख्य अग्निशमन अधिकारी गौतमलाल व सहायक अग्निशमन अधिकारी देवेन्द्र गौतम व राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के प्रो. प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है।