
कोटा. पहली जुलाई से स्कूल ( School ) खुल जाएंगे। शिक्षक अभिभावक व बच्चे नए सत्र की तैयारियों में जुटे हुए हैं। इसके साथ ही सरकारी छात्रावासों ( government hostel ) में बच्चों के आने का क्रम शुरू हो जाएगा। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ( social justice and empowerment department ) ने छात्रावासों में प्रवेश की प्रक्रिया तो शुरू कर दी। इसके लिए आवेदन भी लिए जा रहे है, लेकिन विभाग के शहर में स्थित अधिकतर छात्रावासों की स्थिति दयनीय है। कहीं दर, दरक रहा है तो कहीं दीवार धराशाही है। विद्यार्थियों को छात्रावास में गंदगी व बदबू का सामना भी करना पड़ सकता है।
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तीन साल पहले गिरी, अब तक नहीं बनी
डीसीएम रोड स्थित अम्बेडकर छात्रावास की हालात दयनीय है। छात्रावास परिसर की चारदीवारी एक बार गिरी तो अभी तक नहीं बनी। इस चारदीवारी का करीब 8 से 10 मीटर का भाग तीन साल से टूटा हुआ है। छात्रावास की यह दीवार वर्ष 2016 में बरसात के दौरान ढह गई थी। टूटी दीवार के चलते बच्चों को असुरक्षा रहती है। कोई भी इसमें प्रवेश कर सकता है। छात्रावास के पीछे की ओर भी दीवार में दरार है, इस पर काई भी जम गई है। छात्रावास के कक्षों की खिड़कियों के शीशे भी टूटे हुए हैं।
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लाइटें भी पड़ी हंै बंद
छात्रावास की लाइटें काफी दिनों से बंद है। जिससे यहां रहने वाले विद्यार्थियों को परेशानी उठानी पड़ेगी। एक तो टूटी दीवार, साथ में बंद लाइटें मुसीबत बन सकती है। लाइट की केबल नीचे झूल रही है। करंट आने की संभावना हर समय बनी रहेगी।
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गिर न पड़े दरवाजा
छावनी तिलक नगर क्षेत्र स्थित सावित्री बाई फुले छात्रावास का फाटक कभी भी धराशाही हो सकता है। इसकी दीवार गत दिनों फट गई थी। इसमें दरार आ गई है। भारी भरकम फाटक इसी दीवार पर टीके हैं। यह दीवार कभी भी गिर सकती है। फाटकों खोलते और बंद करने से पहले काफी ध्यान रखना पड़ता है।
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कचरा पात्र भी नहीं है कम मुसीबत
छात्रावास के सामने निगम का कचरा पात्र यहां रहने आने वाली बालिकाओं के लिए परेशानी का सबब होगा। सारे मोहल्ले का कचरा यहीं डाला जाता है। कई बार तो कचरा सड़क तक फैल जाता है। यहां से गुजरना भी मुश्किल हो जाता है। वहीं छावनी मैन रोड स्थित राजकीय डॉ. भीमराव अंबेडकर छात्रावास के बाहर भी कचरा पात्र बना हुआ है। इसमें मंगलवार को बड़ी मात्रा में कचरा फैला हुआ देखा गया।
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छात्रावासों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रवेश के लिए 15 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं। छात्रावासों में मरम्मत के कार्य करवाए जाएंगे। कुछ छात्रावास में शुरुआत कर दी है। पुताई करवाई जा रही है। इस सम्बन्ध में एक जुलाई को बैठक भी की रखी है।
ओमप्रकाश तोषनीवाल, उपनिदेशक, सामाजिक न्याय विभाग