
कोटा जिले की दो विधानसभा क्षेत्र में सोमवार को लोगों ने शराब की दुकानों के विरोध में मतदान का बहिष्कार कर दिया। सूचना पर जिला प्रशासन व पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाइश कर मतदान करने का आग्रह किया। लेकिन, कोटा में महिलाएं अंग्रेजी शराब की दुकानें हटाने की मांग पर अड़ी रही। प्रशासन ने चुनाव के बाद कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया। इसके बाद करीब सुबह 11 बजे दोनों जगह मतदान शुरू हुआ।
BIG Breaking: शराब पीकर मतदान करवाने पहुंचा पोलिंग ऑफिसर, मतदाता भड़के, रिटर्निंग अधिकारी ने किया निलंबित
जानकारी के अनुसार रामगंजमंडी के रावठा और कोटा के संतोषी नगर में शराब के विरोध में लोग सड़क पर धरने पर बैठे रहे और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया। सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों की समझाइश की। इसके बाद रामगंजमंडी के रावठा में मतदान शुरू हो गया लेकिन कोटा में संतोषी नगर चौराहे पर धरने पर बैठी महिलाएं शराब की दुकान हटाने की मांग पर अड़ी रहीं।
Lok Sabha Election 2019 Live Update: कोटा-बूंदी में सुबह 11 बजे तक 26.15 % से अधिक मतदान
महिलाओं ने बताया कि करीब एक माह से दुकानें हटवाने के लिए महिलाएं धरने पर बैठी है। प्रशासन झूठे आश्वासन देता है लेकिन कार्रवाई नहीं करता। यहां ठेके पर दिन-रात शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है, ऐसे में लड़कियों व महिलाओं का यहां से गुजरना मुश्किल हो जाता है। शराबी आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हैं।
Lok Sabha Election: लोकतंत्र के महापर्व पर बुजुर्गों ने तोड़ा उम्र का बंधन, 105 साल की फूलाबाई पहुंची मतदान करने, देखिए वीडियो
वहीं, कई परिवार शराब की वजह से बर्बाद हो गए। धरने में बैठी किसी महिला ने अपना बेटा खो दिया तो किसी ने पति। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा कार्रवाई नहीं की जाती। करीब दो घंटे चली समझाइश के बाद महिलाओं ने धरना खत्म कर मतदान के लिए राजी हुई। इस तरह 11 बजे तक यहां मतदान शुरू हो पाया।