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BIG News: अब गणेश जी से पहले निगम को देना होगा न्योता, नहीं तो शादी में मचा देंगे खलबली
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BIG News: अब गणेश जी से पहले निगम को देना होगा न्योता, नहीं तो शादी में मचा देंगे खलबली

यदि आपके घर में शादी है तो आपको विवाह का पहला न्योता भगवान गणेश से पहले नगर निगम को देना होगा। ऐसा नहीं करने पर निगम शादी में खलबली मचा देगा।
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कोटा

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Zuber Khan

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May 02, 2019

कोटा. आपके घर में शादी है तो अब नगर निगम को भी न्योता देना होगा। न्योते में यह भी बताना पड़ेगा कि बारात में कितने लोग आएंगे और कहां ठहराएंगे। यदि यह जानकारी नहीं दी तो निगम प्रशासन शादी-समारोह में खलल पैदा कर सकता है। लोकसभा चुनाव के बाद निगम की ओर से निगरानी के लिए अलग से टीम बनाई जाएगी, जो शहर में आकस्मिक जांच करेगी। निगम क्षेत्र में अब कोई भी व्यक्ति 100 से अधिक व्यक्तियों का किसी भी तरह का आयोजन करता है तो पहले नगर निगम को सूचित करना पड़ेगा। निगम की अनुमति के बाद ही कार्यक्रम आयोजित किया जा सकेगा।

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आयुक्त ने जारी की सार्वजनिक सूचना
निगम आयुक्त नरेन्द्र गुप्ता की ओर से इस संबंध में सार्वजनिक सूचना जारी की गई है। इसमें कहा है कि 11 मार्च 2019 से पूरे राज्य में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम प्रभावी हो गए हैं। इसके तहत अब यूजर चार्ज लागू हो गया है। इसके तहत नियमों की पालना नहीं करने पर निगम की ओर से कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए आयुक्त की ओर से विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।

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यह है आदेश
निगम क्षेत्र में निजी संस्थाओं जैसे अस्पतालों, होटल, रेस्टोरेंट, कृषि उपज मंडी, शिक्षण संस्थान आदि जहां प्रतिदिन 100 किलोग्राम कचरा उत्पादन होता हो, वे अपने स्तर पर अपशिष्ट को पृथक करना व कम्पोस्टिंग के माध्यम से अपशिष्ट का निपटारा करना सुनिश्चित करेंगे।

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खुद को करना होगा कचरा प्रबंधन
अभी कचरा एकत्र कर आस-पास ही कचरा खाली कर देते हैं। इस कारण दिनभर कचरा फैला रहता है। हॉस्टलों और मैसों से झूठन व अपशिष्ट को नालों में डाल दिया जाता है। इस कारण दिनभर दुर्गंध फैली रहती है।

एनजीटी ने लगाई थी फटकार
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के नियम लागू नहीं करने पर पिछले दिनों एनजीटी ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी और यह नियम लागू कर इसकी क्रियान्विति रिपोर्ट तलब की थी। इसके बाद आनन-फानन में इसे लागू किया गया है। विभाग के मुख्य सचिव खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं।

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डस्टबिन रखना होगा
यह आदेश : सड़कों के किनारे ठेले लगाकर फल-सब्जी व अन्य सामग्री बेचने वालों को अब अपशिष्ट डस्टबिन में एकत्र करना होगा। निगम की ओर से आकस्मिक निरीक्षण व जांच की जाएगी। यदि इसकी पालना करना नहीं पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हकीकत : फल-सब्जी विक्रेता कचरा एकत्र कर आस-पास के नाले में डाल देते हैं। इससे नाले जाम हो जाते हैं। कई जगहों पर सड़क पर कचरा डाल देते हैं। इससे गंदगी फैली रहती है।