
नाहरगढ़ (बारां). नेहरुपुरा के एक मरीज की सोमवार को नाहरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के अभाव में मौत ( patient dies lack of treatment ) हो गई। जानकारी के अनुसार, अंशु कीर्तनिया (50) की सुबह तबीयत बिगड़ गई थी। यहां वैकल्पिक तौर पर लगाए गए डॉक्टर 2 घंटे तक अस्पताल ( Hospital ) नहीं पहुंचे। नतीजन, इंतजार में दर्द से तड़पता रहा मरीज की जान चली गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उसे नाहरगढ़ अस्पताल लाए, लेकिन सुबह 10 बजे तक कोई चिकित्सक नहीं था। समय पर मरीज को इलाज नहीं मिल पाया और उसने दम तोड़ दिया।
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नाहरगढ़ स्वास्थ्य केंद्र पर 6 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन तीन चिकित्सक तैनात हैं। प्रभारी चिकित्सक ललित राठौर छुट्टी पर हैं। डॉ. नितिन कुशवाह ने भी 15 दिन ड्यूटी करके छुट्टी ली है। डॉ. भूपेश नागर को किशनगंज डेपुटेशन पर लगाया गया है। ऐसे में तीनों डॉक्टर अस्पताल में नहीं थे। वैकल्पिक तौर पर परानिया स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. हेमंत गुप्ता को ड्यूटी पर लगाया गया था, लेकिन वे भी 2 घंटे तक अस्पताल नहीं पहुंचे।
दोनों डॉक्टर छुट्टी पर होने के कारण परानिया से डा. हेमंत गुप्ता को नाहरगढ़ लगाया गया था, लेकिन वह 2 घंटे तक अस्पताल नहीं पहुंच पाए। उनको नोटिस देकर कारण जाना जाएगा। वहीं आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मरीज की मौत किन कारणों से हुई इसका पता लगाया जाएगा
डॉ. कमलेश मीणा, ब्लॉक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी किशनगंज