
रावतभाटा के चारभुजा झालरबावड़ी में स्थित एक निजी अस्पताल में निर्माण कार्य के दौरान दीवार का एक हिस्सा भरभरा कर गिर गया। मलबे में दबने से निर्माण कार्य करा रहे सुपरवाइजर व महिला श्रमिक की मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग को नए भवन से जोडऩे के लिए दीवार तोड़ कर दरवाजा निकालने का कार्य किया जा रहा था। इस दौरान करीब पौने 11 बजे दीवार का एक हिस्सा गिर गया। हादसे के वक्त वहां दो ही जने मौजूद थे। सुपरवाइजर बबलू उर्फ मोहम्मद युनूस (40) ड्रिल चला कर दीवार तोड़ रहा था तथा महिला श्रमिक चन्द्रपुरिया निवासी गीता बाई (45) मलबा हटाने का कार्य कर रही थी।
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दीवार का बड़ा हिस्सा अचानक दोनों पर आ गिरा। इसके बाद मौके पर मौजूद चिकित्सा स्टाफ ने लोगों की सहायता से मलबा उठवाकर दोनों को बाहर निकाला। उपचार के दौरान श्रमिक गीता की मौत हो गई। बबलू को कोटा रैफर किया गया लेकिन वहां इलाज के दौरान उसका भी दम टूट गया।
निजी चिकित्सालय के चिकित्सक मनोवीर सिंह ने बताया कि बबलू दो वर्ष से अस्पताल भवन बनवाने का काम कर रहा था। वह सोमवार को भी पुराने भवन की चाबी लेकर गया और काम शुरू कर दिया। बाहर से दीवार तोड़ कर मुख्य नए दरवाजा निकालने का काम होना था। अस्पताल के दूसरे भाग में वे मरीजों को देख रहे थे। शोर शराबा सुनकर बाहर आकर देखा तो हादसे के बारे में पता चला। ग्रामीणों ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग को लेकर हंगामा कर थाने का घेराव कर दिया। सूचना पर विधायक राजेंद्र विदुड़ी मौके पर पहुंचे और पुलिस और ग्रामीणों से घटना को लेकर चर्चा की।