
कोटा. गीत-संगीत, मौज-मस्ती और नृत्य-अभिनय से सजी सतरंगी शाम…। सम्मान, पुरस्कार और तालियों की गडगड़़ाहट…। अतिथियों का सान्निध्य और जो सीखा वह दिखाने की ललक…। कभी राजस्थानी संगीत की धुन, कभी कोई खास संदेश का गांभीर्य। पुरस्कार मिलने पर खिलते चेहरे और करतल ध्वनि के संग उत्साहवद्र्धन। थेगड़ा रोड स्थित राधिका रिसोर्ट में कुछ ऐसा ही मनभावन नजारा पेश हुआ। अवसर था राजस्थान पत्रिका के पाई समर कैंप के ग्रैंड फिनाले का। राधिका रिसोर्ट में रविवार को राजस्थान पत्रिका के शैक्षणिक अनुभाग पत्रिका इन एजुकेशन (पाई) व शिवज्योति इंटरनेशनल स्कूल की ओर से दादाबाड़ी स्थित मोदी पब्लिक स्कूल में आयोजित पाई समर कैंप के समापन के बाद ग्रैंड फिनाले का आयोजन किया गया।
इस मौके पर अतिथियों ने समर कैंप में विभिन्न कोर्सेस में बेस्ट परफोरमेंस के लिए पुरस्कृत किया गया। मुख्य अतिथि शहर पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव व शिवज्योति इंटरनेशल स्कूल के डायरेक्टर नरेश गुप्ता व प्रीति गुप्ता रहे। विशेष अतिथि के रूप में शिवज्योति इंटरनेशनल स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. सपना अग्रवाल, एआरएन ग्रुप के निदेशक नीरज त्रिवेदी उपस्थित रहे।उन्होंने राजस्थान पत्रिका के सम्पादकीय प्रभारी राजेश त्रिपाठी, मार्केटिंग मैनेजर अश्विन विजय के साथ कोर्सेस में बेस्ट परफोरमेंस के लिए 80 विद्यार्थियों को प्रशस्ती पत्र, मैडल तथा ट्रॉफी देकर सम्मानित किया, वहीं 35 कोर्सेज के 35 शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। उत्साह, उमंग के इस माहौल में लगातार करतल ध्वनि होती रही।
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कला के बिखरे विविध रंग
ग्रैण्ड फिनाले के मौके पर पाई समर कैंप में कोर्सेस करने वाली प्रतिभाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुति देकर मनमोह लिया। उन्होंने समर कैंप के दौरान अपने गुरुजनों से जो सीखा उसे प्रस्तुत कर गुरुजनों को गद्गद कर दिया। कभी भारतीय संगीत की मिठास फिजा में घुली, कभी राजस्थानी रंगत घुली। वेस्टर्न संगीत का जलवा भी प्रतिभाओं ने बिखेगा। बालिकाओं के ग्रुप ने ऊंची-ऊंची डोरियां बांधों से कान्हा न माने पर कृष्ण कन्हैया की नटखट लीलाओं की नृत्य से अभिव्यक्ति दी। बच्चों ने छमाछम नाच नाचे डमाडम ढोल बाजे… जैसे गीत पर वेस्टर्न डांस के प्रति बढ़ रहे रुझान को प्रस्तुत किया। ब्रेक डांस, रोबोट डांस जैसी अन्य मनभावन प्रस्तुतियां दी।
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चेतावनी व संदेश
वैज्ञानिक आविष्कार लोगों की भलाई के लिए हैं, लेकिन इनका दुरुपयोग करने से भी नहीं चूकते। आज के दौर में मोबाइल इसका उदाहरण है। आते-जाते, खाते-पीते, मोबाइल का उपयोग के साथ दुरुपयोग भी हो रहा है। पाई समर कैंप के दौरान अभिनय के विद्यार्थियों ने हर कहीं सेल्फी लेने, वीडियो बनाने व फोटो लेने वालों को चेताया। यह कई बार घातक भी हो सकता है। कलाकारों की हॉल में अदाओं पर देर तक तालियां गूंजती रहीं।
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जो सीखा उसे व्यर्थ न जाने दें
इस मौके पर मुख्य अतिथि शहर पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव ने कहा कि पत्रिका हमेश से ही सामाजिक सरोकार निभाती रही है। समर कैंप भी इसी का हिस्सा है। भार्गव ने कहा कि गर्मी की छुट्टियों का इससे बेहतर सदुपयोग नहीं हो सकता। विषय विशेषज्ञ फैकल्टीज से जो सीखा है उसे व्यर्थ नहीं जाने दें। हो सकता है यह जीवन में उपयोगी साबित हो जाए। कैंप में शामिल किए गए कोर्सेस की भी तारीफ की। सेल्फ डिफेंस, साइबर सिक्योरिटी समेत अन्य कोर्सेज को आज के दौर में जरूरी बताया। वाट्सअप व फेसबुक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन पर अपनी व्यक्तिगत जानकारियां शेयर नहीं करें। यह हमारे लिए समस्या हो सकती है। 18 वर्ष के कम आयु के बच्चे इनका उपयोग नहीं कर सकते है, यह गलत है। उन्होंने सुरक्षा की दृष्टि से अन्य महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।
सिखाए गए थे इतने कोर्सेज
ऐरोबिक्स, सेल्फ डिफेंस, योगा, बास्केटबॉल, बैडमिंटन, इवेंट मैनेजमेंट, एंकरिंग, गिटार, हिप होप डांस, स्केटिंग, इथिकल हैकिंग, किचन गार्डनिंग व बोनसाई, फैशन डिजाइनिंग, रोबेटिक डांस, फोटोग्राफी, पर्सनलिटी डवलपमेंट, कल्चरल डांस, ब्यूटी केयर स्कीन एण्ड हैयर स्पा, हैंड राइटिंग, फ्रेंच लेंग्वेज, जर्मन लेंग्वेज, स्पोकन इंग्लिश, एक्टिंग थियेटर, वेस्टर्न डांस, वाटर कलरिंग एण्ड पेंसिल वर्क, इंटरियर डिजाइनिंग, कथक, बॉलीवुड डांस, अबेकस, बेसिक कम्प्यूटर, टेली (बेसिक) कार्टून मेकिंग, केलीग्राफी, मेहंदी, समेत अन्य कोर्सेज में प्रतिभागियों ने भाग लिया।