
कोटा. शहर के मध्य गुमानपुरा स्थित मल्टीपरपज स्कूल ( multipurpose school ) को देखेंगे तो चौंक जाएंगे। स्कूल ने अपना रंग व ढंग ( Pink color of multipurpose school ) के साथ भाषा व नाम बदल लिया है। वर्षो से सरकारी भवनों वाला हल्का पीला रंग अब विद्यालय के बाहरी आवरण पर नजर नहीं आएगा। करीब आठ दशक के बाद स्कूल का रंग बदल कर गुलाबी हो गया है। फिलहाल शिक्षा विभाग ( education department ) ने स्कूल की बाहरी रंगत बदली है, जल्द यहां के कक्षा कक्षों की रंगत भी बदल जाएगी।
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इतिहासविद् व शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जब से स्कूल बना है इस स्कूल को अन्य रंग में रंगे हुए नहीं देखा। शिक्षा विभाग के अनुसार बदला हुआ रंग सुखद है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक हालांकि विद्यालय में रंग पूर्व में कर दिया गया था, लेकिन अंग्रेजी मीडियम के बच्चों को यह काफी सुहाएगा। निजी स्कूलों की तर्ज पर इसे आकर्षित रूप दिया है। गुलाबी रंग सभी को आकर्षित करता है, इसलिए यह रंग करवाया गया।
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ऐसे बदला रंग
पूर्व प्रिंसिपल रुपेश सिंह ने बताया कि स्कूल का रंगत फीकी हो रही थी, इसके चलते विधायक कोष से स्कूल में रंग करवाया गया। दस लाख की राशि में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए। सिंह के अनुसार गत गत दो वर्षों में महज 6 हजार से बढ़कर 41 लाख रुपए हुआ है, वहीं विद्यालय ने बोर्ड परीक्षा में दो मेरिट भी दी।
महाराव भीमसिंह ने करवाया था निर्माण
इतिहासविद फिरोज अहमद ने बताया कि गुमानपुरा स्थित मल्टीपरपज स्कूल का निर्माण भमहाराव भीमसिंह द्वितीय (1941 से 1947) के शासन काल में किया गया। यह आधुनिक स्थापत्य कला का उदाहरण है माध्यमिक के जिलाशिक्षा अधिकारी गंगाधर मीणा बताते हैं कि यह स्कूल 15 बीघा भू भाग में फैला हुआ है। प्रदेश में इतने क्षेत्र में कोई स्कूल नहीं है।
यह इतिहास भी अनूठा
100 प्रतिशत परिणाम व अनुशासन के रूप मेें इसकी पहचान रही है। माध्यमिक के जिला शिक्षा अधिकारी गंगाधर मीणा बताते हैं कि स्कूल में पहले 5 हजार वि य्अहमद बताते हैं कि इस स्कूल से निकले विद्यार्थी कई उच्च पदों पर रहे