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गेहूं के दामों में भारी गिरावट, सस्ते दामों पर बिक रहा अनाज, भामाशाह मंडी में पैर रखने तक की जगह नहीं
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गेहूं के दामों में भारी गिरावट, सस्ते दामों पर बिक रहा अनाज, भामाशाह मंडी में पैर रखने तक की जगह नहीं

हाड़ौती में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलें बर्बाद हो गई। इससे किसान सदमे हैं। गेहूं और सरसों के दामों में भारी गिरावट हुई है।
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कोटा

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Zuber Khan

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Apr 19, 2019

कोटा. हाड़ौती में बेमौसम rain and hail से किसानों की फसलें बर्बाद हो गई। इससे किसान सदमे हैं, लेकिन weather साफ होते ही गुरुवार को फिर मंडी में जिंसों की भारी आवक शुरू हो गई और मंडी जिंसों से अट गई। सावों की खरीदारी के चलते किसान सस्ते दामों पर जिंस बेचने को विवश हैं। बारिश के बाद ज्यादातर जिंसों के दाम 500 से 1200 रुपए प्रति क्विंटल कम हो गए।

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मंगलवार को हाड़ौती में हुई rain and hail से खेतों से लेकर मंडियों में किसानों को भारी नुकसान हुआ। बुधवार को मंडियों में जिंस की आवक नगण्य रही, लेकिन गुरुवार को मौसम साफ होते ही kota bhamashah mandi में जिंसों की आवक का आंकडा एक लाख बोरी को पार कर गया। इसमें अस्सी हजार बोरी तो अकेले गेहूं की है। सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 4200 रुपए है, जबकि गुरुवार को मंडी में औसत भाव 3390 रुपए प्रति क्विंटल रहे।

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एफसीआई का माल उठाव पर जोर
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) का न्यूनतम समर्थन मूल्य के खरीद केन्द्रों पर लाखों बोरी गेहूं खुले में पड़ा है। बारिश में भीग गया है। इस कारण एफसीआई के अधिकारियों का पूरा जोर खरीद केन्द्रों पर खुले में पड़े गेहूं का उठाव कर गोदामों में सुरक्षित करने का है। इस कारण खरीद प्रक्रिया धीमी कर दी है। जिन किसानों को पहले टोकन दिए गए हैं, उनका ही गेहूं खरीदा जा रहा है। गुरुवार ही ट्रक यूनियन से करीब दो सौ ट्रक गेहूं उठाव के लिए गए हैं। गेहूं का उठाव होने से वेयर हाउस पर ट्रकों की लम्बी कतारें लग गई। एफसीआई अधिकारी समर्थन मूल्य पर खरीदे गए गेहूं को रैक से बाहर भेजने पर भी उच्चाधिकारियों से चर्चा कर रहे हैं।