
कोटा. शिक्षा नगरी गुरुवार को अनंत चतुर्दशी ( Anant Chaturdashi festival ) के अनंत उत्साह में सरोबार थी, तब शाम करीब 4.30 बजे तेज हवा ( storm in kota ) के साथ बारिश ( Heavy Rain ) ने तबाही मचा दी। दर्जनों पेड़ धराशायी हो गए। इसमें दो लोग घायल हो गए हैं। जबकि, दो बच्चे बाल-बाल बच गए। अनंत चतुर्दशी जुलूस मार्ग में स्वागत के लिए बनाया गया सबसे बड़ा स्वागत द्वार भी तूफानी हवा के आगे रूक नहीं पाया और देखते ही देखती गिर गया। ( Rain Incident ) जिस बारिश शुरू हुई हजारों लोग इस मार्ग से गुजर रहे थे, गनीमत यह रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। घनघोर घटाओं के कारण रात जैसा अंधेरा सड़कों पर पसर गया। स्थिति यह हो कि सड़कों पर कुछ भी नजर नहीं आ रहा था।
शहर में सुबह से बादल छाए हुए थे, दोपहर बाद काली घटाएं उमडऩे लगी और शाम 4.30 बजे शहर को काली घटाओं ने आकोश में ले लिया।
हालात यह थे कि शाम 4.30 बजे 7 बजे जैसा अंधेरा था।
30 किलोमीटर प्रतिघण्टे की रफ्तार से चली हवा
बंगाल की खाड़ी में निम्न वायुदाब सक्रिय होने का असर राजस्थान, मध्यप्रदेश,आसाम समेत अन्य राज्यों में हो रहा है। 15 सितम्बर तक जारी रह सकता है रुक रुक कर बरसात का दौर। कोटा में करीब 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चली। इससे अनंतचतुर्दशी जुलूस के स्वागत के लिए लगाए रखा करीब 70 फीट ऊंचा स्वागत द्वार धराशाही हो गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी झमाझम बारिश
सांगोद, सीमल्या, सुल्तानपुर, अरण्डखेड़ा, अयाना, इटावा सहित जिलेभर में गुरुवार दोपहर साढ़े तीन बजे के बाद शुरू हुई तेज बारिश का दौर शाम तक जारी रहा। सांगोद में उजाड़ नदी का जलस्तर बढ़ा। रावतभाटा में शाम साढ़े पांच बजे बाद तेज बारिश शुरू हुई। राणा प्रताप सागर बांध के सात गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। जल्द ही दो और गेट खोलने की संभावना है।