17 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

कोटा
Inside Story: यूं शुरू हुआ छात्र राजनीति से लोकसभा स्पीकर तक का सफर, जानिए बिरला की कामयाबी का राज
Play video

Inside Story: यूं शुरू हुआ छात्र राजनीति से लोकसभा स्पीकर तक का सफर, जानिए बिरला की कामयाबी का राज

राजनीति में अलग पहचान रखने वाले कोटा-बूंदी सांसद ओम बिरला ने छात्र राजनीति से जो सफर शुरू किया था, आज एक बड़े पड़ाव पर पहुंच गया है।
Google source verification

कोटा

•

image

Zuber Khan

•

Jun 19, 2019

कोटा. राजनीति में अलग पहचान रखने वाले कोटा-बूंदी सांसद ओम बिरला ( MP Om Birla ) ने छात्र राजनीति ( Student Politics ) से जो सफर शुरू किया था, आज एक बड़े पड़ाव पर पहुंच गया है। ( Lok Sabha speaker Om Birla ) कामयाबी के शिखर पर पहुंचने वाले बिरला ने हमेशा जमीनी स्तर पर काम करने का ध्येय रखा। सबको साथ लेकर चलने की रणनीति ही बिरला की सफलता का राज मानी जाती है। उनकी पहचान राजनेता से ज्यादा सामाजिक कार्यों में मानी जाती है। बिरला ने राजनीतिक जीवन राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गुमानपुरा (मल्टीपरपज स्कूल) से किया। 1977 में पहली बार छात्रसंघ अध्यक्ष निर्वाचित हुए, इसके बाद बिरला लगातार राजनीति की सफलता के एक-एक पायदान चढ़ते गए। कॉमर्स कॉलेज में भी संयुक्त सचिव रहे।

Read More: कोटा के ये विधायक 5 साल चर्चा में रहे फुल, पैसा खर्च के वक्त हो गए गुल, सुर्खियां खूब बटोरी, विकास से कन्नी काटी

युवा मोर्चा से चमकाई राजनीति

युवा मोर्चा से लेकर आज भी बिरला युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। मोर्चा के कोटा अध्यक्ष रहे। फिर लम्बे समय तक प्रदेशाध्यक्ष रहे। इसके बाद मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे। तब एमपी के पूर्व सीएम शिवराजसिंह चौहान राष्ट्रीय अध्यक्ष थे।

Read More: कोटा संभाग के 2500 गांवों की ओर दौड़ा बिजली महकमा, अफसरों से लेकर कर्मचारियों ने डाला डेरा, गांव में कटेगी रात-दिन

विधायक बनते ही मिली लालबत्ती
2003 में ओम बिरला कांग्रेस के दिग्गज नेता शांति धारीवाल को चुनाव हराकर विधायक चुने गए थे। 2004 में संसदीय सचिव बने। बिरला ने जनता की समस्याओं का समाधान करवा पहचान बनाई। विपक्ष में विधायक के रूप में सरकार को घेरने में बिरला ने कसर नहीं छोड़ी।

Read More: बड़ी खबर: राजस्थान से सांसद ओम बिरला होंगे नए लोकसभा स्पीकर, मोदी सरकार में मिली बड़ी जि़म्मेदारी, कोटा से दिल्ली तक जश्न

कोटा की सीट को बनाया अभेद्य किला
2013 में भाजपा को राज्य में बंपर जीत मिली। इसके साथ ही बिरला की जीत का अंतर 28 से बढ़कर 50 हजार वोटों का हो गया।

Read More: निकाह के बाद दूल्हे के परिजनों ने मांगा दहेज, मनचाहा नहीं मिला तो छोड़ गए दुल्हन, बैरंग लौटी बारात तो बूंदी से बारां तक मचा हड़कम्प

मोदी लहर में तोड़ा जीत का रेकॉर्ड
2014 के चुनावों में भाजपा की परम्परागत सीट को दोबारा पार्टी की झोली में डाल दिया। कांग्रेस के प्रत्याशी को 2 लाख के अंतर से शिकस्त दी।

और.. इतिहास की सबसे बड़ी जीत
2019 में कोटा सीट पर आजादी के बाद सबसे बड़े अंतर से जीत दर्ज करने वाले नेताओं में ओम बिरला शूमार हो गए। जीत का अंतर पौने तीन लाख रहा।