
महज 18 दिनों में 55 आग के मामले आए सामने
कोटा. बूंदी. कोटा-बूंदी जिले के सैकड़ों बीघा खेतों में शुक्रवार दोपहर व रात को भीषण आग लग गई। कोटा में 6 तो बूंदी में 12 फीट से ऊंची लपटों से आसमान लाल हो गया। तेज हवा का साथ मिलते ही लपटों ने भयावह रूप धारण कर लिया। आसपास के लोगों में अफरा तफरी मच गई। हालात यह हो गए कि तीन किमी तक आग की तपन इतनी तेज थी कि मकानों की दीवारों में दरारें पड़ गई। अपनी जान बचाने के लिए लोग रातभर इधर से उधर दौड़ते रहे। सूचना पर पुलिस और दमकलें मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन आग इतनी भयानक थी की काबू नहीं पाया जा सका।
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बूंदी जिले के बरुंधन कस्बे में शुक्रवार देर रात खेतों में भीषण आग लग गई। आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। बावड़ी के बालाजी के पीछे बंधा बागड़ी के खेतों में अचानक नजर आई आग को देखकर खेतों मकान बनाकर रहने वाले लोग जान बचाकर भाग गए। तेज हवा के चलते आकाश में फैले लाल धुंधलापन व जोरदार आग की लपटों को देखकर मदद के लिए ग्रामीण मौके पर दौड़ लगे। ग्रामीण पहुंचे तक तक आग विकराल रूप धारण कर चुकी थी। सैकड़ों बीघा खेतों की नौलाइयों को आग ने अपनी चपेट में ले लिया था। रातभर सड़कों पर दमकलें दौड़ती रही।
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कोटा में तीन दिन तक कहर
कोटा जिले के सुल्तानपुर क्षेत्र में लगातार तीसरे दिन भी खेतों की नौलाइयों में आग का कहर जारी रहा। दिनभर दमकलें आग बुझाने को दौड़ती रही। शुक्रवार को एक साथ 4 जगहों पर आग की घटनाएं हुई। इसमें दीगोद आईटीआई के पास सुबह साढ़े 10 बजे खेतों की नौलाइयों में आग लगी। आग हवा के साथ कस्बे की ओर बढऩे लगी। सूचना मिलते ही सुल्तानपुर से दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से एक घंटे में काबू पाया। यहां आग से 50 बीघा की नौलाइयां खाक हो गई। दोपहर 2 बजे मोरपा के बोरखेड़ा गांव के पास खेतों की नौलाइयों में आग लग गई। वहां भी दमकल की सहायता से आधे घंटे में काबू पाया जा सका। इसी दौरान धनवां गांव व अमरपुरा गांव के पास में भी खेतों की नौलाइयों में आग बेकाबू हो गई। दोनों जगह समय रहते मौके पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया। यहां 74 बीघा की नौलाइयों का चारा स्वाह हो गया।
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3 दिन में 12 घटनाएं
क्षेत्र में पंचायत समिति मुख्यालय पर 14 अप्रेल 2019 को अस्थाई दमकल आई। इसके बाद के 18 दिन में अब तक 55 से अधिक आग की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इनमें अकेले मई माह में 12 आग के मामले सामने आए। दमकलकर्मी दिनभर आग बुझाने के लिए मशक्कत करते नजर आते हैं। दमकलकर्मी भरतराज नागर, सरफराज खान, मनोज मीणा व रघुवीर विजय ने बताया कि कई बार तो पूरे दिन आग की घटनाओं के चलते भोजन तक नहीं मिल पाता है।
मौखिक आदेश कर फारिग हुए
बढ़ती आग की घटनाओं को लेकर गत दिनों दीगोद एसडीएम ने सभी पुलिस थानों को नौलाइयों में आग लगाने वाले किसानों पर कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए थे। ये आदेश मौखिक ही रह गए। अभी तक किसी भी पुलिस थाने में नौलाइयों में आग पर कार्रवाई नहीं हुई।
हर दिन आगजनी की 4-5 घटनाएं
किसान अज्ञानता पूर्वक खेतों की नौलाइयों में आग लगा देते हैं जो बस्ती तक पहुंच जाती है। प्रतिदिन 4-5 घटनाएं प्रतिदिन हो रही हैं। किसानों को जागरूक होने की जरूरत है। प्रशासन को भी सख्त कार्रवाई करना चाहिए।
-जगदीश सिंह, दमकल प्रभारी, नागरिक सुरक्षा अग्रिशमन सेवा
मृदा की उर्वरता क्षमता हो रही खत्म
किसानों को नौलाइयां जलाने की जगह पशु चारे के रूप में इनका उपयोग करना चाहिए। नौलाइयां जलाने से पर्यावरण प्रदूषण होता है, मृदा की उर्वरता क्षमता में कमी आती है, लाभदायक फसल कीट व जीवाणु नष्ट हो जाते हैं।
-डा. तनोज चौधरी, जिला विस्तार अधिकारी, सीएडी