
वाराणसी. सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार ने भूमाफियों पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही थी लेकिन आज तक ऐसा नहीं हो पाया है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि अब दलित मकान मालिक को अपना मकान बचाना कठिन होता जा रहा है। मंडुआडीह थाना क्षेत्र के वैष्णोबिहार कॉलोनी निवासी सुनील कुमार की कहानी कुछ ऐसी है। आरोप है कि दबंगों ने उसके मकान पर कब्जा कर लिया है और वह दूसरी जगह रहने को विवश है लेकिन पुलिस उसकी सुनवाई नहीं कर रही है।
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सुनील कुमार का आरोप है कि मकान को किराये पर देकर वह अपना परिवार का खर्च उठाता है। कुछ लोगों के कहने पर उसने एक महिला व पुरुष को मकान किराये पर दे दिया। पहले इन लोगों ने बताया था कि वह शादीशुदा हैं लेकिन बाद में पता चला कि वह बिना शादी किये ही साथ रहते हैं। इस बात को लेकर मुहल्ले को लोगों ने भी आपत्ति शुरू कर दी है। दोनों किराये भी नहीं दे रहे थे जून में जब किराये देने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया तो महिला ने छेडख़ानी करने का आरोप लगाना शुरू कर दिया। इसके बाद वह घर से बाहर निकल कर चिल्लाने लगी। महिला ने फोन करके कुछ लोगों को बुला लिया। बाहर से आये लोगों के हाथ में पिस्टल थी और वह मुझे मकान खाली कराने के नाम पर जान से मारने की धमकी देने लगे। अनिल का आरोप है कि उन लोगों ने मुंह में पिस्टल भी डाल दी। घटना से इतना भयभीत हो गया कि अपना मकान छोड़ कर परिवार सहित चंदौली जाकर रहना पड़ रहा है। अनिल का आरोप है कि पुलिस कप्तान, सीओ भेलूपुर से लेकर मंडुआडीह पुलिस के यहां पर गुहार लगा चुका है लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। अनिल ने बताया कि एक दबंग तो अपने वाहन पर हूटर लगा कर चलता है और पुलिस थाने में भी हूटर बजा कर जाता है उसकी पत्नी मेरी पत्नी से फोन कर कहती है कि मकान नहीं खाली करा पाओगे। चाहे जिसके यहां पर गुहार लगा लो, कुछ नहीं होने वाला है। इसके बाद से दलित मकान मालिक न्याय के लिए भटक रहा है।
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