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ग्रहण में भी कर सकते हैं सर्वव्यापी ईश्वर की पूजा, मिलेगी शक्ति
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ग्रहण में भी कर सकते हैं सर्वव्यापी ईश्वर की पूजा, मिलेगी शक्ति

सच्चा शिष्य करता है गुरु के बताये मार्ग पर अनुसरण, श्री सर्वेश्वरी समूह में 27 जुलाई को गुरुपूर्णिमा पर उमड़ेगी लाखों भक्तों की भीड़
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वाराणसी

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Devesh Singh

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Updated: 26 Jul 2018, 9:09 PM IST

वाराणसी. श्री सर्वेश्वरी समूह पड़ाव में 27 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के दिन लाखों भक्तों की भीड़ उमड़ेगी। समूह के अध्यक्ष पूज्यवाद बाबा गुरुपद संभव राम जी ने मीडिया ने अनौपचारिक बातचीत में कहा कि सच्चा शिष्य गुरु के बताये हुए मार्ग पर अनुसरण करता है। चन्द्र ग्रहण व सूतक पर कहा कि ग्रहण में भी सर्वव्यापी ईश्वर की पूजा की जा सकती है उनकी पूजा के लिए कही पर रोक नहीं है ग्रहण में भी पूजा करियेगा तो शक्ति ही मिलेगी।
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बाबा गुरुपद संभव राम जी ने कहा कि गुरु व शिष्य की पवित्र परंपरा आदि काल से चली आ रही है जो आगे भी चलती रहेगी। माता, पिता, गुरु व राष्ट्र चार स्तंभ होते हैं। जिस तरह अच्छा पुत्र अपने माता व पिता का ऋण चुकाता है उसी तरह श्रेष्ठ शिष्य भी अपने गुरु का ऋण चुकाता है। हम अच्छे कर्म करके ही राष्ट्र का ऋण चुका सकते हैं। जीवन के अंतिम सास तक राष्ट्र का ऋण चुकाना चाहिए। बाबा गुरुपद संभव राम जी ने कहा कि देश के लोग संयम, सतर्कता, जागरूकता के साथ समाज व राष्ट्र की सेवा कर सकते हैं। दूर रहने वाले शिष्यों के प्रश्र पर कहा कि यदि ऐसा शिष्य गुरु के पास नहीं आ पाता है तो वह अपने संपर्क से भी गुरु को शुभकामना भेज सकता है। काशी को स्मार्ट सिटी बनाने, मंदिरों व गलियों के प्रश्र पर कहा कि मेरा ख्याल है कि मंदिरों को नहीं छेड़ा जा रहा है। सभी जगह को साफ व व्यवस्थित रहना चाहिए। यहां पर विदेश से भी लोग आते हैं। देश के बारे में ख्याल यहां की व्यवस्था को ही देख कर बनता है। ऐसे लोग देखते हैं कि हम कितने साफ-सुधरे व व्यवस्थित रहते हैं कैसा व्यवहार करते हैं। इसके लिए कुछ कार्य आवश्यक हैं।
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मानव सेवा में भी अग्रणी है सर्वेश्वरी समूह
सर्वेश्वरी समूह की स्थापना 21 सितम्बर 1961 को अधोर परंपरा के महान संत अवधूत भगवान राम ने की थी। किसी को कुष्ठ रोग हो जाता था तो उसका सामाजिक बहिष्कार कर दिया जाता है। कृष्ठ रोगियों के साथ दलित, गरीब, दुखियों के सेवा के लिए ही समूज की स्थापना की गयी थी और आज समूह अपने इसी उद्देश्य पर कायम भी है। सर्वेश्वरी समूह मानव सेवा में भी अग्रणी है। देश के विभिन्न राज्यों में जनसेवा के लिए समूह द्वारा कार्य किया जा रहा है। कृष्ठ व मिर्गी के रोगियों की इलाज के साथ सेवा की जाती है। पर्यावरण के प्रति सामाजिक जागरूकता लाने के लिए इक्रो फेंडली चूल्कों का भी वितरण किया जाता है। सबसे खास बात है कि गुरु पूर्णिमा के दिन दर्शन करने वाले भक्तों को प्रसाद के रुप में पौधा दिया जाता है जिसे वह लगाने के साथ उसकी रक्षा भी करते हैं। इसके अतिरिक्त अन्य सामाजिक सेवा भी सर्वेश्वरी समूह के लोग अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
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