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युवा अपनी पॉकेट मनी से बदनाम गली के बच्चों में जगा रहे शिक्षा की अलख
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युवा अपनी पॉकेट मनी से बदनाम गली के बच्चों में जगा रहे शिक्षा की अलख

प्राइवेट स्कूल में प्रवेश के लिए फ्री में दे रहे कोचिंग, जानिए क्या है कहानी
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वाराणसी

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Devesh Singh

•

Updated: 23 Jan 2018, 5:43 PM IST

वाराणसी. युवा अपने पॉकेट मनी से बदनाम गली के बच्चों में शिक्षा की अलख जगा रहे हैं। पॉकेट मनी के पैसों से वह बच्चों को फ्री में कोचिंग देकर प्राइवेट स्कूलों की प्रवेश परीक्षा उत्र्तीण करने की क्षमता विकसित कर रहे हैं इसके बाद शिक्षा के अधिकार के जरिए इन बच्चों को अच्छे स्कूलों में नि:शुल्क शिक्षा दिलायी जायेगी। पूर्व में राज्यमंत्री डा.नीलकंठ तिवारी ने बच्चों की इस कोचिंग का उद्घाटन किया था और यहां पर स्कूल खोलने का भी आश्वासन दिया है।
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काशियाना फाउडेशन के बैनर तले युवाओं ने बहुत ही प्रशंसनीय कार्य किया है। बनारस में शिवदासपुर को बदनाम गली माना जाता है और यहां पर सेक्स वर्कर भी रहती है। सेक्स वर्कर व स्थानीय लोगों के बच्चों को उनका मौलिक अधिकार भी नहीं मिला है। काशियाना फाउडेशन के युवाओं ने सबसे पहले शिवदासपुर को गोद लिया और यहां के लोगों को आधारभूत सुविधा दिलाने की लड़ाई लड़ी। इसके बाद शिवदासपुर के बच्चों को अच्छी शिक्ष दिलाने की मुहिम चलायी है। युवाओं ने अपने लगन व उत्साह से ही सब कुछ किया है इसके लिए किसी से आर्थिक मदद नहीं ली गयी है और गरीब बच्चों को शिक्षा देकर बदनाम गली के अंधकार से बचाने में जुट गये हैं।
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शिक्षित बच्चे ही दिखा सकते समाज को सही राह
काशियान फाउंडेशन के संस्थापक सदस्य सुमीत सिंह, फाउंडेशन की अध्यक्ष आयुषी श्रीमाली, हिमांशु मिश्र, आशीष, सुमित, शालिनी, ऋषि, प्रभात, धीरज व गोपाल मिल कर बदनाम गली के बच्चों में शिक्षा की अलख जगाने में जुटे हैं। बच्चों के लिए कापी, पेंसिल, किताब आदि की व्यवस्था अपने पैसे से कर रहे हैं। साथ ही बच्चों को कोचिंग में पढ़ा कर इतना तेज किया जा रहा है कि अच्चे कांवेंट स्कूल की प्रवेश परीक्षा पास कर ले। इसके बाद काशियाना फाउंडेशन के लोग इन बच्चों को शिक्षा के अधिकार के जरिए कांवेंट स्कूलों में प्रवेश दिलाने की जंग भी लड़ेंगेे। प्राइवेट स्कूलों में २५ प्रतिशत सीटों पर गरीब बच्चों का प्रवेश लेने का नियम है इसी नियम का पालन करने के लिए काशियाना फाउंडेशन के युवा जनसूचना अधिकार का भी प्रयोग करेंगे।
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युवाओं की ऐसी हो सोच तो बदल जाये समाज की नजर
काशियाना फाउंडेशन के युवाओं की इतनी अच्छी सोच है, जिससे समाज का नजरिया ही बदल जायेगा। भारत को दुनिया का युवाओं का सबसे बड़ा देश ऐसे ही नहीं कहा जाता है। हमारे देश के युवा ऐसे ही कार्य करते रहे तो सामाजिक भ्रांतियां दूर होने के साथ ही समाज का कायाकल्प होना तय है।
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