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MP के आंगनवाड़ियों में बड़ा घोटाला : बंटने वाले टेक होम राशन में भारी हेरफेर, EOW को सौंपी जांच

जांच में किशोरी बालिकाओं की संख्या और बंटने वाले टेक होम राशन में भारी हेरफेर की आशंका।

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MP के आंगनवाड़ियों में बड़ा घोटाला : बंटने वाले टेक होम राशन में भारी हेरफेर, EOW को सौंपी जांच

विदिशा/ राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने मध्य प्रदेश की आंगनवाड़ियों में भारी गड़बड़ी का हवाला देकर महिला बाल विकास से आर्थिक अनियमितताओं की जांच करने के लिए ईओडब्ल्यू को पत्र लिखा है। पत्र में आयोग ने एमपी के महालेखाकार द्वारा दी गई चार जिलों की रिपोर्ट भी लगाई है। साथ ही, ईओडब्ल्यू से अपील की है कि, इस मामले में नियमानुसार प्रकरण दर्ज कर 10 दिन में कार्रवाई से अवगत कराया जाए।

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महिला बाल विकास विभाग ने दी थी ये रिपोर्ट

आयोग की रजिस्ट्रार अनु चौधरी ने ईओडब्ल्यू के डीजी को लिखे पत्र में कहा है कि, आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को दिए जाने वाले पोषण आहार की गुणवत्ता परखने के लिए आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने विदिशा समेत प्रदेश के अन्य जिलों में दौरा किया था। उन्होंने इस दौरान ये पाया कि, 11 से 14 वर्ष की किशोरी बालिकाएं बहुत बड़ी संख्या में स्कूल छोड़ चुकी हैं। इसकी पड़ताल करने के लिए आयोग अध्यक्ष कानूनगो ने मध्य प्रदेश महिला बाल विकास विभाग से स्कूल छोड़ चुकीं 11 से 14 वर्ष की किशोरियों की जानकारी मांगी। इसके जवाब में महिला बाल विकास विभाग ने बताया कि, सूबे में 2 लाख 17211 किशोरियां स्कूल छोड़ चुकी हैं, जिनमें से 1 लाख 71365 किशोरियां आंगनवाड़ी का पोषण आहार (टेक होम राशन) ले रही हैं।

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स्कूल शिक्षा विभाग की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा

आयोग द्वारा इसी विषय पर आधारित रिपोर्ट मध्य प्रदेश के स्कूली शिक्षा विभाग से तलब की तो रिपोर्ट चौंकाने वाली थी। शिक्षा विभाग की रिपोर्ट में कुल 23 491 बच्चे स्कूल से बाहर हैं, इनमें से भी 11 से 14 साल की किशोरियों की संख्या मात्र 8680 है।

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दोनो विभागों के आंकड़ों में भारी अंतर

आयोग ने इन किशोरियों की संख्या में दो विभागों के बीच के आंकड़ों में भारी विसंगति होने से ये मामला मध्य प्रदेश महालेखाकार को भेजकर इसकी पड़ताल करने को कहा है। महालेखाकार ने बैतूल, डिडोंरी, ग्वालियर और सिंगरोली जिलों की जांच कर रिपोर्ट दी है। इसमें दोनों विभागों के आंकड़ों को देखकर आंगनबाड़ियों में 11 से 14 वर्ष की किशोरी बालिकाओं को दिए जाने वाले टेक होम राशन में 426.85 लाख रुपए की भारी विसंगति दिखाई दे रही है। ऐसे में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने ईओडब्ल्यू से मामले की पड़ताल कर प्रकरण दर्ज करने को कहा है।

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