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डम्पर घर में घुसा, रेत में दबने से 2 मासूमों सहित चालक की मौत

मानवता हुई शर्मसार : पोस्टमार्टम के बाद बाइक से ले जाना पड़े शव
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विदिशा

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Krishna singh

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Updated: 1 Nov 2018, 6:03 AM IST

patrika news

Sand dumper enters home, three people die

शमशाबाद/सिरोंज/विदिशा. रेत से भरा एक डम्पर सुबह 4 बजे अनियंत्रित होकर गोलना गांव के एक घर में घुस गया। रेत घर में फैल गई, जिसमें परिवार के पांच सदस्य दब गए। इसमें से दो बच्चों सहित डम्पर चालक की भी मौत हो गई। जबकि क्लीनर डम्पर में बुरी तरह फंस गया। उसे काफी मशक्कत के बाद निकाला जा सका। हादसे से भड़के ग्रामीणों ने सिरोंज रोड पर चक्काजाम लगा दिया। वहीं पोस्टमार्टम के बाद बच्चों के शव ले जाने के लिए परिजनों को वाहन तक नहीं मिला और वे शवों को बाइक से ले जाने पर मजबूर हुए।

घटना सुबह करीब 4 बजे ग्राम गोलना की है। भोपाल की ओर से रेत से भरा एक डम्पर तेज गति से सिरोंज की ओर जा रहा था। डम्पर को ललितपुर निवासी क्लीनर राहुल सहरिया चला रहा था, जबकि ड्राइवर 28 वर्षीय बृजेन्द्र यादव दूसरी सीट पर सो रहा था। ऐसा माना जा रहा है कि सुबह क्लीनर की झपकी लगी और ट्रक अनियंत्रित होकर गोलना में सड़क किनारे बने एक घर में जा घुसा। इस हादसे में डम्पर ने घर की दीवार तोड़ डाली काफी रेत का ढेर घर के अंदर लग गया। यह घर रामचरण अहिरवार का था, जिसमें रामचरण खुद, उनकी पत्नी संध्या और तीन बच्चे सो रहे थे। रेत का बड़ा हिस्सा इस परिवार पर गिरा, जिसमें घर के पांचों सदस्य दब गए। करीब एक घंटे बाद पुलिस को खबर लगी तो तत्काल मौके पर पहुंचकर रेत में दबे लोगों को निकलवाकर सिरोंज अस्पताल भिजवाया गया, इनमें से रामचरण के 8 वर्षीय पुत्र रोहित और 5 वर्षीय पुत्री पूनम की मौत हो गई, जबकि एक अन्य बच्चे सहित पति-पत्नी भी घायल हुए हैं। डम्पर का ड्राइवर बृजेन्द्र यादव दीवार और ट्रक के बीच फंसने के कारण नहीं बचाया जा सका। जबकि डम्पर चला रहे क्लीनर 22 वर्ष के राहुल को पुलिस और ग्रामीणों ने भारी मशक्कत के बाद निकाला। इसमें जेसीबी, पोकलेन, कटर आदि की सहायता लेना पड़ी।

ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग की, हंगामा
उधर सिरोंज में पोस्टमार्टम के बाद जब बच्चों के शव गांव में लाए गए तो ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा कर दिया। उन्होंने सिरोंज रोड पर जाम कर नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण मानने को तैयार नहीं थे।बमुश्किल ग्रामीणों को समझाइश देकर चक्काजाम खत्म कराया गया। शमशाबाद पुलिस ने इस मामले में डम्पर चला रहे क्लीनर राहुल सहरिया के खिलाफ भादंवि की धारा 337 तथा 304 के तहत प्रकरण दर्ज कर मामला जांच में लिया है। जिस डम्पर से हादसा हुआ उस पर नंबर नहीं लिखा था।

परिजन बाइक से ले गए बच्चों के शव
गोलना में हुए दर्दनाक हादसे के बाद सिरोंज में मानवता फिर शर्मसार हुई। शव वाहन नहीं मिला तो परिजनों को अपने बच्चों के शव मोटरसाइकिल से गांव ले जाना पड़े। पोस्टमार्टम के लिए पुलिस ने तीनों शवों को सिरोंज अस्पताल पहुंचाया था, लेकिन पोस्टमार्टम के बाद वहां से कोई शव वाहन नहीं मिल सका। काफी देर के इंतजार और गुहार के बाद भी जब कोई साधन नहीं मिला तो बाइक पर ही शवों को ले जाना पड़ा। इतने के बाद भी एसडीएम या प्रशासन को कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मृतकों को देखने या घायलों की सुध लेने नहीं पहुंचा।