
यहां हर तीसरा आदमी है रेपिस्ट, कैमरे के सामने डंके की चोट पर करता है कबूलनामा
नई दिल्ली। बलात्कार की घटनाएं हमारे देश में एक आम बात हो गई है। कम उम्र से लेकर ज्यादा उम्र की महिलाएं भी इसका शिकार हो रहीं हैं।
इंसान ही नहीं बल्कि लोग मानसिक रूप से इस कदर विकृत हो गए हैं कि वे जानवरों तक को भी नहीं बख्श रहे हैं। स्थिति दिन-प्रतिदिन बद से बदतर होती जा रही है।
आज हम आपको भारत नहीं बल्कि उस देश के बारे में बताने जा रहे हैं जहां का हर तीसरा व्यक्ति रेपिस्ट है। उन लोगों के लिए ऐसा करना बेहद आम है और उन्हें ऐसा करने का बिल्कुल खेद नहीं हैं।
हम यहां डीपस्लूट की बात कर रहे हैं जो दक्षिण अफ्रीका के जोहानसबर्ग में स्थित है। इसे यहां के सबसे खतरनाक इलाकों में से एक माना जाता है।
जैसा कि हम पहले ही बता चुके हैं कि यहां महिलाओं का बलात्कार होना सामान्य है। मीडिया ने जब डीपस्लूट के दो युवाओं से बातचीत करते हुए इस बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि, वे अब तक कई महिलाओं के साथ ऐसा कर चुके हैं। उन्हें इस बात की कोई ग्लानि या अपराध बोध तक नहीं था बल्कि वे कैमरा के सामने ऐसा बहुत आराम से कह रहे थे।
उन्होंने बड़े ही सामान्य तरीके से बताया कि, महिलाओं के दरवाजा खोलते ही हम उनके घरों में घुस जाते हैं। उन्हें खतरनाक औजारों या हथियारों से डराकर चुप कराते हैं। फिर उन्हीं के घर में उनके साथ दुष्कर्म करते हैं। डीपस्लूट में ये सब बेहद आम है।
साल 2016 में इस बारे में पता लगाने के लिए एक सर्वे किया गया। इसके लिए यूनिवर्सिटी ऑफ विटवॉटर्सरंड ने 2,600 से भी ज्यादा लोगों से इस बारे में पूछताछ की। इस दौरान पता लगा कि यहां कुछ लोग ऐसे भी हैं जो एक ही महिला के साथ दो बार बलात्कार कर चुके हैं।
यहां के लोगों के मन में यह बात बैठ चुका है कि बलात्कार करना कोई अपराध नहीं है जिस वजह से यहां की महिलाएं इसके खिलाफ अपनी आवाज बुलंद नहीं कर पाती हैं और अंदर ही अंदर घुटती रहती हैं।
बीते तीन सालों में डीपस्लूट में बलात्कार की 500 शिकायतें दर्ज की गईं, लेकिन कानूनी कारवाई इनमें से किसी की भी नहीं की गई। रेप के मामले में यहां का कानून बेहद ढीला है।
हालात इतने बुरे हैं कि रात के समय में डीपस्लूट की सड़कों पर निकलना खतरे से खाली नहीं है। यहां मर्डर, रेप कुछ भी और कभी भी हो सकता है।
कानून सख्त न होने की वजह से अपराधियों के मन में जो भी आता है वे वैसा ही करते हैं। कई बार आम नागरिक इन सबसे परेशान होकर दुष्कर्मियों को सजा दिलाने के लिए उन्हें पीट-पीट कर मार देते हैं क्योंकि इसके अलावा उनके पास और कोई चारा नहीं है।
इन सभी कारणों के चलते डीपस्लूट को "डीप डिच" यानी गहरी खाई के नाम से भी जाना जाता है। गरीबी और बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहे यहां के लोगों को ऐसा लगता है कि वे किसी गहरी खाई में फंस कर रह गए हैं। वाकई में डीपस्लूट की स्थिति काफी दयनीय और हमारी सोच से परे हैं।
Published on:
2 Aug 2018, 1:52 PM IST
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