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Expert Interview : गर्भपात का कारण बन सकता है एडेनोमायोसिस, इसके लक्षण क्या हैं

Cause of miscarriage : ऐडेनोमायोसिस महिलाओं में होने वाली ऐसी बीमारी है जिसमें गर्भाशय की मांसपेशियों के भीतर के लाइनिंग टिश्यू (एंडोमीट्रियम) का स्थानान्तरण गलत जगह पर होने से गर्भाशय की मांसपेशियों में सूजन आ जाती है।
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जयपुर

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Manoj Vashisth

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Updated: 22 Jun 2023, 3:11 PM IST

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Cause of adenomyosis

What is adenomyosis? ऐडेनोमायोसिस क्या है?

ऐडेनोमायोसिस महिलाओं में होने वाली ऐसी बीमारी है जिसमें गर्भाशय की मांसपेशियों के भीतर के लाइनिंग टिश्यू (एंडोमीट्रियम) का स्थानान्तरण गलत जगह पर होने से गर्भाशय की मांसपेशियों में सूजन आ जाती है।

How can this cause infertility? इससे कैसे बांझपन पैदा हो सकता है?

इसमें भ्रूण की ग्रहणशीलता में कमी और उच्च गर्भपात होने से बांझपन की समस्या हो सकती है।

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What are its symptoms? इसके लक्षण क्या हैं?
माहवारी लंबे समय तक (लगभग 8-14 दिन तक) होना, रक्त स्राव ज्यादा होना, अंडोत्सर्ग में दर्द का बढऩा, ब्लड के बड़े क्लॉट्स बनना, पेट में ऐंठन आदि।
यह समस्या किस उम्र में महिलाओं को होने की संभावना रहती है?
आमतौर पर यह समस्या 35 से 50 वर्ष की उम्र की महिलाओं में होती है।

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Cause of adenomyosis इसका मुख्य कारण क्या है?
ऐडेनोमायोसिस का कारण अज्ञात है। हालांकि गर्भाशय ट्रोमा को इस प्रकार के साथ संबद्ध किया गया है कि गर्भाशय की भीतर लाइनिंग और मांसपेशियों के बीच की बाधा को तोड़ सकते हैं जो सिजेरियन, ट्यूबल बंधाव, गर्भावस्था समाप्ति के रूप में होता है।

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Treatments of adenomyosis इसके क्या उपचार उपलब्ध हैं?
महिला की माहवारी को रोकने के लिए 3 से 6 महीने की अवधि तक जीएनआरएचए एगोनिस्ट इंजेक्शन लगाए जाते हंै। इससे गर्भाशय की सूजन को कम किया जाता है। यदि समस्या अधिक हो तो दूरबीन द्वारा सर्जरी करके सूजन आई मांसपेशियों को निकाल लिया जाता है परंतु गर्भाशय सुरक्षित रूप से रख लिया जाता है जिससे महिला आगे जाकर भविष्य में बिना रुकावट गर्भधारण कर सकती है। इसके उपरान्त टेस्ट ट्यूब बेबी (आई.वी.एफ) प्रक्रिया की जा सकती है।

डॉ. क्षितिज मुर्डिया कंसल्टेंट गायनेकोलॉजिस्ट इंदिरा इंफर्टिलिटी एंड टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर
उदयपुर

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।