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Attack on Venezuela: वेनेजुएला के राष्ट्रपति की तरह क्या अमेरिका किसी भी देश के राष्ट्रपति को कर सकता है गिरफ्तार?

US Strikes Venezuela: डोनाल्ड ट्रंप के दावे के बाद सवाल उठा कि क्या अमेरिका किसी मौजूदा राष्ट्राध्यक्ष को गिरफ्तार कर सकता है। अंतरराष्ट्रीय कानून, हेड ऑफ स्टेट इम्यूनिटी और निकोलस मादुरो के मामले में अमेरिकी रुख को समझे।

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भारत

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Devika Chatraj

Jan 03, 2026

डोनाल्ड ट्रंप और निकोलस मादुरो

Nicolas Maduro Arrest: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक सनसनीखेज दावा किया है। ट्रंप के मुताबिक, वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया गया है। इस बयान के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है क्या अमेरिका किसी भी देश के मौजूदा हेड ऑफ स्टेट (राष्ट्राध्यक्ष) को गिरफ्तार कर सकता है?

अंतरराष्ट्रीय कानून क्या कहता है?

अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत मौजूदा हेड ऑफ स्टेट को “व्यक्तिगत प्रतिरक्षा” (Personal Immunity) प्राप्त होती है। इसका मतलब है कि किसी विदेशी देश की राष्ट्रीय अदालत किसी मौजूदा राष्ट्रपति को गिरफ्तार नहीं कर सकती है। हिरासत में नहीं ले सकती है और न ही उन पर मुकदमा चला सकती है। यह सुरक्षा कथित अपराध की गंभीरता से स्वतंत्र होती है। यह प्रतिरक्षा केवल राष्ट्रपति तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री जैसे शीर्ष पदों पर भी लागू होती है।

हेड ऑफ स्टेट इम्यूनिटी का उद्देश्य क्या है?

यह नियम किसी को कानून से ऊपर रखने के लिए नहीं बनाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य है अंतरराष्ट्रीय संबंधों में कानूनी अराजकता को रोकना और यह सुनिश्चित करना कि देश के नेता बिना गिरफ्तारी के डर के विदेश यात्रा कर सकें। कूटनीतिक बातचीत और अंतरराष्ट्रीय सहयोग सुचारू रूप से हो सके अगर यह सुरक्षा न हो, तो शत्रु देश अदालतों का इस्तेमाल कर विदेशी नेताओं को परेशान कर सकते हैं।

क्या यह प्रतिरक्षा पूरी तरह असीमित है?

हेड ऑफ स्टेट इम्यूनिटी पूर्ण (Absolute) नहीं होती। जहां राष्ट्रीय अदालतें इस प्रतिरक्षा से बंधी होती हैं, वहीं अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण इससे मुक्त होते हैं।

अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) का अधिकार

रोम संविधि (Rome Statute) के तहत
नरसंहार
युद्ध अपराध
मानवता के खिलाफ अपराध
जैसे मामलों में अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) किसी भी हेड ऑफ स्टेट पर मुकदमा चला सकता है।
इन मामलों में पद या सरकारी हैसियत कोई कानूनी ढाल नहीं बनती। हालांकि, यह अधिकार अंतरराष्ट्रीय कानून से आना चाहिए, न कि किसी एक देश की एकतरफा कार्रवाई से।

निकोलस मादुरो का मामला अलग क्यों बताया जा रहा है?

अमेरिका का तर्क इस मामले में पूरी तरह अलग है, क्योंकि वाशिंगटन निकोलस मादुरो को वेनेजुएला का वैध राष्ट्रपति नहीं मानता। अमेरिका के अनुसार, 2018 का राष्ट्रपति चुनाव बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी से भरा था, जिसके आधार पर 2019 में उसने विपक्षी नेता जुआन गुएडो को अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में मान्यता दी थी (जो 2022 तक चली), जबकि 2024 के चुनाव को भी व्यापक धांधली वाला मानते हुए अमेरिका ने विपक्षी उम्मीदवार एदमुंदो गोंजालेज को निर्वाचित राष्ट्रपति के रूप में मान्यता प्रदान की है। इसी नीति के तहत अमेरिकी न्याय विभाग ने अदालतों में दलील दी है कि चूंकि मादुरो को अमेरिका वैध राज्याध्यक्ष (हेड ऑफ स्टेट) नहीं मानता, इसलिए वे या उनके प्रतिनिधि-सहयोगी अमेरिकी कानून के तहत हेड ऑफ स्टेट इम्यूनिटी या राजनयिक इम्यूनिटी के हकदार नहीं हैं; यह नीति 2019 से लागू है और वर्तमान में भी जारी है।