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नेपाल प्लेन क्रैशः चीन की मदद से बना पोखरा एयरपोर्ट, 14 दिन पहले हुआ था उद्घाटन, हादसे की वजह आई सामने

आज नेपाल के जिस पोखरा एयरपोर्ट के पास प्लेन क्रैश हुआ है उसका उद्घाटन 14 दिन पहले ही हुआ था। इस हादसे में अब तक 42 शव बरामद हो चुके हैं। वहीं हादसे की शुरुआती वजह भी सामने आ चुकी है।
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नई दिल्ली

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Abhishek Kumar Tripathi

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Updated: 15 Jan 2023, 2:13 PM IST

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Built with China's support, Nepal's Pokhara airport was inaugurated 14 days ago

नेपाल के पोखरा एयरपोर्ट के पास आज बड़ा विमान हादसा हो गया है, जिसमें 68 यात्री और 4 क्रू सवार थे। पोखरा एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से जानकारी दी गई है कि दुर्घटना का शिकार हुए प्लेन में 53 नेपाली, 5 भारतीय, 4 रूसी, 1 आयरिश, 2 कोरियाई, 1 अर्जेंटीना और एक फ्रांसीसी नागरिक सवार थे। खास बात यह है कि जिस पोखरा एयरपोर्ट के पास यह हादसा हुआ है उसका उद्घाटन 14 दिन पहले ही 1 जनवरी को हुआ था, जिसको नेपाल की सरकार ने चीन की मदद से तैयार किया है। चीन के एग्जिम बैंक ने इस एयरपोर्ट के लिए लोन दिया था। वहीं उद्घाटन के दिन इसी प्लेन का डेमो फ्लाई हुआ था, जो आज क्रैश हो गया है।

नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' ने 1 जनवरी को चीनी मदद से तैयार अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का उद्घाटन करते हुए कहा था कि पोखरा का अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र के साथ संबंध स्थापित हो गया है। पिछले साल चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने पोखरा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को तब के नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा को बालुवाटार में आयोजित एक शिष्टाचार मुलाकात के दौरान हैंडओवर किया था।

चीन की घोषणा से उद्घाटन के पहले ही खड़ा हो गया था विवाद
पोखरा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के उद्घाटन से पहले एक विवाद भी खड़ा हो गया क्योंकि काठमांडू में चीनी दूतावास ने एकतरफा घोषणा करते हुए कहा था कि पोखरा अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट "चीन-नेपाल BRI सहयोग की प्रमुख परियोजना" है। काठमांडू में चीनी दूतावास द्वारा एकतरफा रूप से घोषित किए जाने के बाद चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) को लेकर नेपाल में विवाद छिड़ गया है । उद्घाटन से एक दिन पहले चीनी दूतावास ने कहा था कि "यह चीन-नेपाल BRI सहयोग की प्रमुख परियोजना है। नेपाली सरकार और नेपाली लोगों को हार्दिक बधाई!"

प्रधानमंत्री दहल ने विवाद पर जताई थी चिंता
नेपाली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री दहल ने इस बात पर चिंता जताई कि यह मुद्दा अब क्यों और कैसे सामने आया है। इसके साथ ही उन्होंने अपने उद्घाटन भाषण के दौरान BRI के तहत परियोजना के निर्माण का जिक्र नहीं किया। एक सरकारी बयान में कहा गया है कि विमान हादसे के बाद दहल ने कैबिनेट की आपात बैठक बुलाई है।

तकनीकी खराबी के कारण हुआ हादसा
हादसे से बारे में एयरपोर्ट अथोरिटी ने बयान जारी कर बताया कि यह हादसा खराब मौसम के कारण नहीं हुआ। पायलट ने पोखरा एटीसी से लैंडिंग की इजाजत ली थी। लेकिन लैंडिंग को लेकर पायलट असमंजस में थे। लैंडिंग से 10 सेकेंड पहले एक पहाड़ी से टकराकर विमान सेती नदी की खाई में गिरा। जहां गिरते ही उसमें आग लग गई।

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