
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग। (फोटो: ANI)
China Reaction On Ceasefire: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध विराम के बाद ईरान को नई धमकी दी है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका के सभी जहाज, विमान और सैन्यकर्मी ईरान के आस-पास तब तक तैनात रहेंगे, जब तक कि युद्धविराम पर असली समझौता पूरी तरह से लागू नहीं हो जाता।
ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ऐसा न होने पर और तनाव ज्यादा बढ़ सकता है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति की ताजा धमकी के बाद ईरान के लिए चीन आगे आया है। चीन ने सभी पक्षों से मिडिल ईस्ट में स्थिरता बनाए रखने की अपील की है।
चीन ने अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के संबंध में बातचीत कर रहे पक्षों से अपील की है कि वे मिडिल ईस्ट क्षेत्र में जल्द से जल्द स्थिरता लाएं।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- हमें उम्मीद है कि संबंधित पक्ष शांति के इस अवसर का लाभ उठाएंगे और इस क्षेत्र में जल्द से जल्द स्थिरता वापस लाएंगे।
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने बुधवार को एक अन्य प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि बीजिंग भी हालात को सामान्य बनाने और युद्ध को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए अपने प्रयास जारी रखेगा।
उधर, इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए संघर्ष-विराम समझौते के किसी भी उल्लंघन की कड़ी निंदा की है।
मेलोनी ने कहा- हम अब ऐसे मोड़ पर आ गए हैं, जहां से पीछे हटना मुमकिन नहीं है, लेकिन अब हमारे सामने शांति की एक नाजुक संभावना है, जिसे हमें पूरी दृढ़ता के साथ आगे बढ़ाना होगा।
मेलोनी ने आगे कहा कि इटली और यूरोपीय संघ के लिए यह भी जरूरी है कि हॉर्मुज स्ट्रेट में आवाजाही की आजादी बहाल हो। बता दें कि सीजफायर के बाद भी इजराइल ने ईरान और लेबनान पर हमला किया है।
लेबनान को लेकर ट्रंप और इजराइल का साफ कहना है कि युद्धविराम की डील केवल ईरान के लिए लागू है, लेबनान को इसमें शामिल नहीं किया गया है। इस पर ईरान ने भी कड़ा जवाब दिया है।
ईरान ने साफ कह दिया है कि लेबनानी क्षेत्र पर होने वाले हमलों को संघर्ष-विराम समझौते का उल्लंघन माना जाएगा। इजराइल और अमेरिका के साथ हमलों को पूरी तरह से रोकने का समझौता हुआ था। इसमें लेबनानी सीमा भी शामिल है।
ईरान एक दिन पहले मध्य ईरान में एक ड्रोन को मार गिराए जाने की घटना को भी समझौते के एक और उल्लंघन के तौर पर पेश कर रहा है। अब ईरानी अधिकारी यह भी कह रहे हैं कि अगर हमले नहीं रुके, तो वे इस पूरी प्रक्रिया से ही पीछे हट सकते हैं।
Updated on:
09 Apr 2026 02:34 pm
Published on:
09 Apr 2026 02:33 pm
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