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चीन का भारत को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आयोजन को समर्थन, शी जिनपिंग के भाग लेने पर संशय

BRICS Summit 2026: चीन ने इस वर्ष के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को पूर्ण सफल बनाने में भारत का समर्थन किया है, लेकिन राष्ट्रपति शी जिनपिंग की उपस्थिति के बारे में कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
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BRICS Summit 2026

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को चीन का समर्थन, राष्ट्रपति शी​ जिनपिंग की मौजूदगी पर संशय, photo source- ANI

BRICS Summit 2026: चीन ने इस वर्ष के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को पूर्ण सफल बनाने में भारत का समर्थन किया है, लेकिन राष्ट्रपति शी जिनपिंग की उपस्थिति के बारे में कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने कहा, ब्रिक्स उभरते बाजारों और विकासशील देशों के बीच सहयोग का एक महत्वपूर्ण मंच है।

माओ निंग मीडिया ब्रीफिंग में ये बोले

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंगे ने कहा ​कि, चीन ब्रिक्स सहयोग को बहुत महत्व देता है और इसमें सक्रिय रूप से भाग लेता है। हम इस वर्ष के अध्यक्ष भारत को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को पूरी तरह सफल बनाने में सहयोग करते हैं, उन्होंने कहा, लेकिन शी जिनपिंग की बैठक में उपस्थिति के बारे में पूछे गए प्रश्न का जबाव देने पर कहा कि आपने जिन विशिष्ट बातों का जिक्र किया है, उनके बारे में मेरे पास फिलहाल कोई जानकारी नहीं है।

12-13 सितंबर को भारत में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन

BRICS, जिसमें मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे, का 2024 में विस्तार हुआ और इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात को शामिल किया गया, जबकि इंडोनेशिया 2025 में इसमें शामिल हुआ। इस समूह की वर्तमान अध्यक्षता भारत कर रहा है और इस वर्ष का शिखर सम्मेलन 12-13 सितंबर को आयोजित होने वाला है।

भारतीय विदेश सचिव ने की चर्चा

इस सप्ताह भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी की चीन यात्रा और उप विदेश मंत्री हुआ चुनयिंग सहित विभिन्न चीनी अधिकारियों के साथ उनकी वार्ता के बारे में माओ ने कहा कि दोनों ने कई मुद्दों पर चर्चा की।

उन्होंने कहा, दोनों देशों के नेताओं के बीच महत्वपूर्ण साझा समझौतों को लागू करने, राजनीतिक आपसी विश्वास को गहरा करने, विभिन्न क्षेत्रों में आदान-प्रदान और सहयोग को आगे बढ़ाने, मतभेदों और विवादों को उचित ढंग से सुलझाने और चीन-भारत संबंधों के सुचारू और स्थिर विकास को बढ़ावा देने पर विचार-विमर्श किया। मिसरी, जो पहले चीन में भारत के राजदूत थे, ने अपनी दो दिवसीय चीन यात्रा के दौरान हुआ चुनयिंग से मुलाकात की। माओ ने कहा कि यह बैठक दोनों देशों के बीच उप विदेश मंत्री-विदेश सचिव तंत्र के तहत आयोजित हुई।