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चीन की अमरीका को धमकी, अतिरिक्त टैरिफ से विकराल मंदी औऱ विश्वयुद्ध का खतरा

चीन की अभूतपूर्व आर्थिक औऱ सैन्य तरक्की ने उसे अमरीका का प्रतिद्वंद्वी बना दिया है। यही वजह है कि चीन और अमरीका के संबंंध तनावपूर्ण हो गए हैं।
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American and Chinese leaders

चीन की अमरीका को धमकी, अतिरिक्त टैरिफ से विकराल मंदी औऱ विश्वयुद्ध का खतरा

सोवियत रूस के विघटन के बाद से ही अमरिका को दुनिया की एकमात्र महाशक्ति माना जाता रहा है। पिछले कुछ वक्त से चीन इस धारणा को तोड़ने की कोशिश में जुटा हुआ है। वह बार-बार अमरीका को विभिन्न मामलों में धमकी दे चुका है औऱ कुछ ही समय पूर्व उसने दक्षिण चीन सागर में एक अमरीकी समुद्री जहाज के पीछ अपना एक युद्धपोत लगा दिया था।

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चीन और अमरीका के बीच व्यापार संबंधी संघर्ष आगे बढ़कर भयंकर रूप भी धारण कर सकता है औऱ् हालात 20वीं शताब्दी जैसे भी हो सकते हैं, जब दुनिया पर हर वक्त परमाणु युद्ध का खतरा मंडराता रहता था। एक चीनी प्रतिनिधि ने चेतावनी देते हुए कहा कि अतिरिक्त टैरिफ लगाकर अमरीका चीन को आर्थिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है अमरीका।

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दिलचस्प बात यह है कि चीनी धमकी अर्जेंटीना में होने वाली जी 20 समिट से केवल कुछ ही दिन पहले आई। चीनी दूत ने सख्त शब्दों में अमरीका को चेतावनी दी कि अमरीकी टैरिफ नीति दुनिया की दो सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्तियों के बीच खाई पैदा कर देगी, जिसका दुष्परिणाम पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को भुगतना पड़ेगा। चीनी राजदूत कुई तियानकाई ने आगे कहा कि चीन औऱ् अमरीका के बीच टैरिफ युद्ध के आगे बढ़ने से द्वितीय विश्व युद्ध जैसे हालात भी बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें इतिहास से सबक लेने की जरूरत है। दो विश्वयुद्धों के बीच इतिहास की सबसे विकराल मंदी का सामना दुनिया को करना पड़ा था और अब कोई नहीं चाहेगा कि उसकी पुनरावृत्ति हो।

आप को बता दें कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने वक्तव्य को दोहराते हुए कहा था कि अगर चीन अब भी अमरीकी मांगों के आगे नहीं झुका, तो चीनी सामान पर 267 बिलियन डॉलर का अतिरिक्त टैरिफ लगाने के लिए अमरीकी प्रशासन तैयारी कर चुका है।

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