उन्होंने कहा कि नया प्रस्ताव उन डिजिटल नकलों को अपराध की श्रेणी में लाएगा, जो किसी की सहमति के बिना उसकी हूबहू छवि या आवाज की नकल करती हैं। इसमें कलाकारों की परफॉर्मेंस की एआइ-जनरेटेड कॉपी भी शामिल होगी। ऐसी सामग्री साझा होने पर व्यक्ति उसे हटवाने की मांग कर सकेगा और मुआवजा पाने का अधिकारी होगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि व्यंग्य और पैरोडी जैसे रचनात्मक प्रयोगों को छूट दी जाएगी। श्मिट ने चेतावनी दी कि यदि डिजिटल प्लेटफॉर्म इस कानून का पालन नहीं करते, तो उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और मामला यूरोपीय आयोग तक जा सकता है।