31 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

US-Iran Conflict: ‘ईरान के पास परमाणु हथियार होता तो वह इसका इस्तेमाल कर चुका होता, इजराइल-मिडिल ईस्ट खत्म हो जाते’, ट्रंप का बयान

Donald Trump On Iran: ईरान के पास परमाणु हथियार होता तो मध्य पूर्व और इजराइल खत्म हो जाते। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तनाव के बीच बड़ा बयान दिया है।
2 min read
Google source verification

भारत

image

Mukul Kumar

Aug 31, 2026

Donald Trump speaking on Iran.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Photo- ANI)

US-Iran News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर साफ शब्दों में कहा है कि ईरान को किसी भी हाल में परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा। फॉक्स न्यूज से बातचीत में उन्होंने ईरान के नेताओं को बहुत हिंसक और बुरा बताया।

ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होता तो वो अब तक जरूर इस्तेमाल करता। इससे पूरा मध्य पूर्व लगभग खत्म हो जाता और इजराइल तबाह हो जाता। आगे अमेरिका या यूरोप भी निशाने पर आ सकते थे।

ईरान पर अटैक के बाद ट्रंप का बयान

बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुए जोरदार हमले के बाद ट्रंप का यह बयान सामने आया है। अमेरिकी सेना ने लराक द्वीप पर ईरान के दो लॉन्चरों पर हमला किया। ईरान ने भी मजबूती से इस हमले का जवाब दिया।

ईरान ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिका के दो ठिकानों को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि, जॉर्डन की सेना ने उसके हवाई क्षेत्र में दाखिल हुईं आठ मिसाइलों को रोक दिया।

अमेरिकी अधिकारी ने क्या कहा?

इस बीच, अमेरिकी सेना के एक अधिकारी ने भी अल जजीरा को बताया कि अमेरिकी सेना जॉर्डन पर ईरान के जवाबी हमलों को रोकने में कामयाब रही। इससे पहले अमेरिका ने कहा था कि उसने हॉर्मुज स्ट्रेट में लराक द्वीप पर तेहरान की बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमताओं को निशाना बनाया था।

अधिकारी ने कहा- जॉर्डन में अमेरिकी सेना पर मिसाइल हमले से साबित होता है कि ईरान अब वैसी ताकत नहीं रहा जैसी वह कभी हुआ करता था। उन्होंने आगे कहा कि तेहरान ने जॉर्डन की ओर मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं।

हॉर्मुज स्ट्रेट पर नजर रखने के लिए ईरान के लिए लराक द्वीप अहम

इस हमले के बाद अल जजीरा ने जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी में मिडिल ईस्ट स्टडीज प्रोग्राम के डायरेक्टर सीना अजोदी के हवाले से बताया कि अमेरिका ने लराक द्वीप पर हमला इसलिए किया क्योंकि यहीं ईरान ने हॉर्मुज को कंट्रोल करने के लिए अपने एसेट्स फैला रखे हैं।

उन्होंने बताया कि अमेरिका का मकसद केवल उन जहाजों पर हमला करने की ईरान की क्षमता को कम करना नहीं था, बल्कि उस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर नजर रखने और उनकी निगरानी करने की ईरान की क्षमता को भी कम करना था।

ईरान का पूरा दक्षिणी तट अमेरिका की टारगेट लिस्ट में

अजोदी ने कहा कि यह द्वीप जुलाई से चले आ रहे उस पैटर्न का हिस्सा है, जब ईरान का पूरा दक्षिणी तट अमेरिका की टारगेट लिस्ट में था। उन्होंने कहा कि ईरान के माइंस बिछाने की तैयारी करने का अमेरिकी दावा सही लग रहा था।