
अरबपति एलन मस्क और डोनाल्ड ट्रंप। (फोटो- ANI)
Jobs cut in USA: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघीय कर्मचारियों की बड़ी कटौती का आदेश देकर पूरे अमेरिका में खलबली मचा दी है। इस आदेश के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अमेरिकी एजेंसियों को ऑर्डर दिया है कि वे अपने यहां बड़ी तादात में कर्मचारियों की छंटनी शुरू कर दें। कर्मचारियों की इस छंटनी की पूरी प्रक्रिया की निगरानी टेस्ला CEO और DOGE के निर्माता एलन मस्क (Elon Musk) करेंगे। एलन मस्क को खुद डोनाल्ड ट्रंप ने ये जिम्मेदारी दी है।
अंतर्राष्ट्रीय न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक एलन मस्क (Elon Musk) के साथ मिलकर अमेरिका की एजेंसियां उन सरकारी कर्मचारियों की पहचान करेंगी जिन्हें नौकरी (Federal Jobs cut in USA) से निकाला जा सकता है, या उनकी जिम्मेदारियों को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है। ट्रंप के इस आदेश के चलते अब बड़ी संख्या में संघीय कर्मचारियों में उनकी नौकरी जाने का खतरा पैदा हो गया है। जिसमें कई भारतीय भी हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जारी किए गए इस आदेश के मुताबिक सरकारी एजेंसियां हर 4 कर्मचारियों के लिए एक से ज्यादा कर्मचारी नहीं रखेंगी। इस आदेश में उन कर्मचारियों को नौकरी की कटौती से छूट दी गई है जो राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक सुरक्षा, कानून प्रवर्तन और आव्रजन प्रवर्तन के लिए बड़ी भूमिका निभाते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका में कई सरकारी कर्मचारी वहां के लेबर यूनियन से जुड़े हुए हैं। इसका मतलब ये हुआ कि अब कर्मचारियों में बड़ी छंटनी होने से पूरे यूनियन पर उसका प्रभाव पड़ेगा। यहां ये बात भी गौर करने वाली है कि सिविल सेवा के गैर-संघीय कर्मचारियों को भी संघीय कानून के तहत नौकरी की सुरक्षा मिली हुई है।
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में कुल 32 लाख सरकारी कर्मचारी हैं। हालांकि इनमें से कितने कर्मचारी भारतीय या भारतीय मूल के हैं, इसके आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए गए हैं। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि अमेरिका में लगभग 1 लाख भारतीय सरकारी नौकरी में हैं। ये संख्या संघीय (फेडरल) और राज्य सरकारों में कार्यरत भारतीयों की कुल संख्या है। आधिकारिक आंकड़ा इससे कम या ज्यादा भी हो सकता है।
बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने ये आदेश तब दिया है जब ट्रम्प प्रशासन ने सरकारी कर्मचारियों को ऑफर देकर नौकरी छोड़ने के प्रस्ताव दिया था। लेकिन संघीय जज ने इस प्रस्ताव पर ही रोक लगा दी थी।
वहीं टेस्ला CEO एलन मस्क ने इस आदेश पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अमेरिका में स्वायत्त संघीय नौकरशाही नहीं हो सकती। यहां ऐसी नौकरशाही होनी चाहिए जो लोगों के लिए जिम्मेदार हों। क्य़ोंकि वे संघीय सरकार के लिए काम करते हैं। मस्क ने नौकरशाही को सरकार की असंवैधानिक चौथी शाखा तक बता दिया।
Updated on:
12 Feb 2025, 12:34 PM IST
Published on:
12 Feb 2025, 12:32 PM IST
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