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डोनाल्ड ट्रंप के टेरिफ आदेश पर मैक्सिको का अमेरिका को मुंहतोड़ जवाब, राष्ट्रपति शिनबाम ने कही ये बड़ी बात

Donald Trump and Gulf of Mexico: डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर मेक्सिको ने गल्फ ऑफ मैक्सिको का नाम बदलने का विरोध किया है, और राष्ट्रपति शीनबॉम ने इसे नकारते हुए कहा कि यह आदेश केवल अमेरिका पर लागू होता है। वहीं मैक्सिको के लोगों ने इसे मज़ाक़ में उड़ा दिया।

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भारत

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MI Zahir

Feb 02, 2025

Donald Trump and Sheinbaum

Donald Trump and Sheinbaum

Donald Trump and Gulf of Mexico: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की ओर से गल्फ ऑफ मैक्सिको का नाम बदल कर गल्फ ऑफ अमेरिका ( Gulf of America ) करने की कोशिश पर मैक्सिको में खूब मज़ाक़ बनाया जा रहा है। इधर जब गूगल ने यह ऐलान किया कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के तहत गल्फ ऑफ मैक्सिको का नाम बदलने के लिए सहमति दे रहा है तो कई मैक्सिकोवासियों ने हंसते हुए गहरी सांस के साथ ​प्रतिक्रिया व्यक्त की है। मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबॉम (Claudia Sheinbaum) ने दैनिक प्रेस ब्रीफिंग में गूगल के इस कदम को नज़रअंदाज़ किया ​है। उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप का आदेश सिर्फ अमेरिका के महाद्वीपीय शेल्फ पर लागू होता है ,हम पर लागू नहीं होता। शीनबॉम ने कहा कि उनका मुल्क यह आदेश नहीं मानेगा। उन्होंने कहा, "गल्फ ऑफ मैक्सिको अब भी गल्फ ऑफ मैक्सिको (Gulf of Mexico ) ही है।"

मैक्सिकोवासियों ने उड़ाया ट्रंप के आदेश का मज़ाक़

कई मैक्सिकोवासियों ने भी इसी तरह की प्रतिक्रिया दी। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने तस्वीरें शेयर करते हुए अपने देश के प्रति ट्रंप के जुनून और उनके फैसले प्रकृति का मखौल उड़ाया। कुछ फुटबॉल प्रशंसकों ने व्यंग्यात्मक रूप से सुझाव दिया कि ट्रंप लोकप्रिय मेक्सिकन फुटबॉल टीम, क्लब अमेरिका को श्रद्धांजलि दे रहे हैं, लेकिन सभी लोग हंस नहीं रहे हैं।

मज़बूती से विरोध करना चाहिए

मैक्सिकन समाचार पत्र 'एल यूनिवर्सल' में एक संपादकीय में कानूनी विशेषज्ञ मारियो मेलगर-एडालिड ने देश को इस हस्तक्षेप का विरोध करने की सलाह दी। उन्होंने लिखा, "मैक्सिको को इस हस्तक्षेप का मजबूती से विरोध करना चाहिए, नहीं तो अगला कदम यह हो सकता है कि अब संयुक्त मैक्सिकन स्टेट्स (मैक्सिको का आधिकारिक नाम) के बजाय, वे हमें 'ओल्ड मैक्सिको' कहना शुरू कर देंगे।"

सैकड़ों बरसों का इतिहास एक पेन स्ट्रोक से मिटाया नहीं जा सकता

मैक्सिकन तटीय राज्य वेराक्रूज के गवर्नर रोसिओ नाहले ने ट्रंप के इस कदम का विरोध किया। गवर्नर ने सोशल मीडिया पर लिखा, "आज और हमेशा … 500 बरसों से यह हमारा समृद्ध और महान 'गल्फ ऑफ मेक्सिको' रहा है और हमेशा रहेगा। उन्होंने कहा कि सैकड़ों बरसों का इतिहास एक पेन स्ट्रोक से मिटाया नहीं जा सकता। आप रातों-रात कुछ नहीं बदल सकते, जिसके साथ हम बड़े हुए हैं - इतिहास, भूगोल, ये सब हमारी पहचान हैं। आप इतने तानाशाह नहीं हो सकते, आप इसे एक दिन में बदल सकें।"

एक शख्स ने ट्रंप के आदेश को बहुत बचकाना कहा

एक अन्य निवासी ने बताया कि "कई वेराक्रूजावासी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं तो अन्य लोग भ्रमित हो रहे हैं और कई लोगों के लिए यह मनोरंजक है … क्योंकि लोगों को इस बात की परवाह नहीं है कि मैक्सिको की खाड़ी का नाम जल्द ही बदल जाएगा और उन्हें नाम परिवर्तन के साथ खेलना मजेदार लगता है।" मैक्सिको सिटी के एक अन्य निवासी ने ट्रंप के आदेश को 'बहुत बचकाना' कहा , "साफ ज़ाहिर है यह बिल्कुल भी सही नहीं है।"

गूगल ने क्या कहा,यह परिवर्तन केवल अमेरिका में लागू होगा

गूगल ने कहा कि यह कदम सरकार के आधिकारिक स्रोतों में नाम परिवर्तनों को अपडेट करने की परंपरा के अनुरूप है। कंपनी ने बताया कि यह परिवर्तन केवल अमेरिका में लागू होगा। मैक्सिको में यूजर अब भी गूगल मैप्स पर गल्फ ऑफ मैक्सिको देखेंगे। दुनिया के बाकी हिस्सों में दोनों नाम दिखाई देंगे। उधर ट्रंप ने पिछले सप्ताह अपने कार्यकारी आदेश में कहा कि उन्होंने इस जल निकाय का नाम 'गल्फ ऑफ अमेरिका' में बदलने का निर्देश दिया है।"

शीनबॉम की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस और 'मैक्सिकन अमेरिका'

शीनबॉम ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में 1607 का एक नक्शा पेश किया, जिसमें उत्तरी अमेरिका के कुछ हिस्सों को ' मैक्सिकन अमेरिका' के रूप में लेबल किया गया था, और उन्होंने यह प्रस्ताव दिया कि खाड़ी का नाम बदल कर ऐसा ही कर देना चाहिए। शीनबॉम ने तंज़ में कहा: "यह अच्छा लगता है, है न?"

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