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Eiffel Tower Controversy: हिंदू प्रतिनिधिमंडल के दौरे के दौरान बवाल, एफिल टावर अस्थायी रूप से बंद

Eiffel Tower Closed: जिस स्मारक को फ्रांस की समानता और आधुनिकता की पहचान माना जाता है, वहीं महिलाओं की कथित तौर पर मौजूदगी सीमित किए जाने का विवाद सामने आया है।
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भारत

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Manoj Vashisth

Sep 08, 2026

Eiffel Tower controversy

Eiffel Tower controversy :एफिल टावर परिसर में सुरक्षा का उल्लंघन, एहतियातन बंद करना पड़ा स्मारक (फोटो सोर्स:@EiffelTower.OfficialPage)

Eiffel Tower Women Staff Row: पेरिस की पहचान माने जाने वाले एफिल टावर पर एक धार्मिक प्रतिनिधिमंडल के निजी दौरे ने ऐसा विवाद खड़ा कर दिया कि दुनिया के इस मशहूर पर्यटन स्थल के कर्मचारी विरोध पर उतर आए। आरोप है कि प्रतिनिधिमंडल के गुजरने के दौरान महिला कर्मचारियों को उनके कार्यस्थल से हटाकर पुरुष कर्मियों को आगे किया गया। मामला सामने आते ही फ्रांस में लैंगिक समानता को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई और पेरिस प्रशासन ने घटनाक्रम की तत्काल जांच कराने का फैसला किया।

Eiffel Tower Controversy: हिंदू मंदिर के उद्घाटन से जुड़ा दौरा

शनिवार को करीब 100 लोगों का एक समूह एफिल टावर पहुंचा था। यह दौरा पेरिस के बाहरी इलाके में नए हिंदू मंदिर के उद्घाटन से जुड़े कार्यक्रमों के सिलसिले में हुआ था। कर्मचारी यूनियन के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल के रास्ते से गुजरने के दौरान कुछ महिला कर्मचारियों को अपनी जगह छोड़ने के लिए कहा गया और उनकी जगह पुरुष कर्मचारियों को तैनात किया गया।

कर्मचारियों का विरोध और पर्यटकों को असुविधा

यूनियन प्रतिनिधि डायने डावोइन ने रॉयटर्स (Reuters) को बताया कि इस घटनाक्रम से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती गई। सप्ताहांत में बढ़े तनाव के बाद सोमवार को कर्मचारियों ने बैठक बुलाई। इसके कारण एफिल टावर का निर्धारित समय पर खुलना प्रभावित हुआ और पर्यटकों को देरी का सामना करना पड़ा। प्रवेश स्थल पर संचालन संबंधी कारणों से उद्घाटन में देरी का संदेश लगाया गया।

प्रबंधन की माफी और जांच का आश्वासन

कर्मचारी पक्ष का कहना है कि प्रबंधन ने घटना को लेकर माफी मांगी है। वहीं, एफिल टावर का संचालन करने वाली SETE ने स्वीकार किया कि प्रतिनिधिमंडल की ओर से महिलाओं के साथ बातचीत या संपर्क कम रखने की मांग की गई थी। कंपनी के अध्यक्ष एरियल वील ने एएफपी (AFP) से कहा कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और सामने आए तथ्यों के आधार पर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

राजनीतिक जगत से तीखी प्रतिक्रियाएं

मामले ने फ्रांस की राजनीति में भी तीखी प्रतिक्रिया पैदा की है। पेरिस के मेयर इमैनुएल ग्रेगोआर ने कर्मचारियों की शिकायतों को गंभीर बताते हुए जल्द जांच का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि लिंग के आधार पर किसी व्यक्ति को काम करने या सार्वजनिक स्थान पर स्वतंत्र रूप से आने-जाने से रोकना स्वीकार्य नहीं है।

फ्रांस की नेशनल असेंबली की अध्यक्ष याएल ब्राउन-पिवे ने भी इस घटना की आलोचना की। उनका कहना था कि विदेशी मेहमानों का स्वागत करना फ्रांस के मूल्यों से समझौता करने का कारण नहीं बन सकता।

BAPS संगठन का स्पष्टीकरण

दूसरी ओर, BAPS ने कहा कि उसका दौरा एफिल टावर प्रबंधन के साथ पहले से समन्वयित था और इसे नियमित आगंतुकों को कम से कम असुविधा पहुंचाने के उद्देश्य से सुबह के शुरुआती समय में रखा गया था। संगठन ने कहा कि उसे ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं थी जिसमें किसी आगंतुक को प्रवेश से रोका गया हो। साथ ही विवाद से किसी को ठेस पहुंची हो तो उसने खेद जताया और आपसी सम्मान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

पेरिस में नए मंदिर का उद्घाटन

यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब पेरिस के निकट BAPS के नए हिंदू मंदिर का उद्घाटन हुआ। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए। उन्होंने मंदिर को भारत और फ्रांस के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने तथा भारतीय मानवीय मूल्यों को आगे बढ़ाने वाला माध्यम बताया था।

अब जांच इस बात पर केंद्रित होगी कि महिलाओं को कार्यस्थल से हटाने के निर्देश वास्तव में किस स्तर पर दिए गए, उनकी वजह क्या थी और आयोजन के लिए तय व्यवस्थाओं में ऐसी शर्त शामिल कैसे हुई।