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US Iran War: ईरान युद्ध पर ट्रंप की घेराबंदी! सीनेटर का बड़ा दावा- हर 2 मिनट में अमेरिका के 10 लाख डॉलर स्वाहा

Iran War Latest News: अमेरिकी सीनेटर के इस दावे ने ट्रंप प्रशासन की युद्ध नीति और उसके आर्थिक असर पर नई बहस छेड़ दी है। वॉर्नर ने सवाल उठाया कि भारी खर्च के बावजूद आखिर अमेरिका इस सैन्य अभियान से हासिल क्या कर रहा है?
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भारत

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Manoj Vashisth

Sep 08, 2026

Mark Warner Statement

Mark Warner Statement:ट्रंप पर सीनेटर का विस्फोटक हमला, सामने आया 100 अरब डॉलर का आंकड़ा (Image: X@WhiteHouse)

US Iran War Cost: ईरान के खिलाफ जारी अमेरिकी सैन्य अभियान अब सिर्फ युद्धक्षेत्र तक सीमित विवाद नहीं रह गया है। इसकी आर्थिक कीमत को लेकर वाशिंगटन में राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। डेमोक्रेटिक सीनेटर मार्क वॉर्नर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रणनीति पर गंभीर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि संघर्ष की लागत 100 अरब डॉलर तक पहुंच चुकी है। उनका कहना है कि खर्च लगातार बढ़ रहा है, जबकि युद्ध के घोषित उद्देश्यों की दिशा में स्पष्ट प्रगति नजर नहीं आ रही।

सोशल मीडिया पर वॉर्नर का बड़ा दावा

ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन पर विपक्ष का हमला और तीखा हो गया है। डेमोक्रेटिक सीनेटर मार्क वॉर्नर ने दावा किया है कि इस संघर्ष की कीमत अमेरिकी नागरिकों पर अब तक करीब 100 अरब डॉलर पड़ चुकी है। इतना ही नहीं, उनके मुताबिक यह आंकड़ा हर दो मिनट में करीब 10 लाख डॉलर की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। यह दावा उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए वीडियो संदेश में किया।

ट्रंप की रणनीति पर उठाए सवाल

वॉर्नर ने इस अभियान को ट्रंप का चुना हुआ युद्ध बताते हुए कहा कि सरकार के सामने सैन्य कार्रवाई के स्पष्ट अंतिम लक्ष्य और वहां से निकलने की ठोस योजना दिखाई नहीं देती। उन्होंने सवाल किया कि यदि युद्ध पर इतनी बड़ी रकम खर्च हो रही है तो उसके बदले अमेरिका को रणनीतिक स्तर पर क्या हासिल हुआ है।

सीनेटर के मुताबिक, संघर्ष लंबा खिंचने के साथ आर्थिक बोझ भी बढ़ता जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि केवल सैन्य खर्च ही चिंता का विषय नहीं है। युद्ध के कारण ऊर्जा बाजार, वैश्विक आपूर्ति व्यवस्था और अमेरिकी सैन्य संसाधनों पर भी दबाव बढ़ सकता है।

पहले भी भी दिए हैं कड़े बयान

यह पहली बार नहीं है जब वॉर्नर ने ईरान अभियान को लेकर ट्रंप प्रशासन की रणनीति पर सवाल उठाए हैं। मार्च में उन्होंने कहा था कि युद्ध ने क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित किया है, अमेरिकी सैन्य संसाधनों पर दबाव डाला है और अमेरिकी सैनिकों की जान भी गई है।

हाल के महीनों में वॉर्नर ने युद्ध के घोषित उद्देश्यों की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठाए हैं। जुलाई में उन्होंने कहा था कि अभियान के दौरान ईरान की परमाणु और मिसाइल क्षमताओं को लेकर अमेरिकी रणनीति स्पष्ट परिणाम नहीं दिखा सकी है। दूसरी ओर, युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव ने तेल आपूर्ति को लेकर वैश्विक चिंता बढ़ाई है। हालिया रिपोर्टों में ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत करीब 97 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने का उल्लेख किया गया है।

जनता से अपील और उठते राजनीतिक सवाल

वॉर्नर ने अमेरिकी जनता से इस नीति के खिलाफ आवाज उठाने की अपील करते हुए कहा कि सरकार को युद्ध के उद्देश्य, खर्च और आगे की रणनीति पर जवाब देना चाहिए। उनके बयान ने ऐसे समय में नई राजनीतिक बहस छेड़ी है, जब ईरान संघर्ष पहले ही अमेरिका के लिए सैन्य, कूटनीतिक और आर्थिक चुनौती बन चुका है।

समाचार स्रोत: Al Jazeera (अल जज़ीरा), सीनेटर मार्क वॉर्नर के X वीडियो पोस्ट और अन्य उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर।