21 सितंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जर्मनी के चुनावी नतीजों की एग्जिट पोल ने चौंकाया, धुर दक्षिणपंथी पार्टी AFD के उभार को चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने बताया ‘तबाही’

Friedrich Merz: जर्मनी के राज्य चुनावों में चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की CDU पार्टी को करारी शिकस्त मिली है। AfD और डाई लिंके की बढ़त के बीच चांसलर ने नतीजों को 'आपदा' बताया। पढ़ें पूरी खबर...
2 min read
Google source verification

भारत

image

Pratiksha Gupta

Sep 21, 2026

Alternative for Germany, German elections

फ्रेडरिक मर्ज (फोटो सोर्स-@GlobalDiss)

Friedrich Merz: जर्मनी में हुए राज्य विधानसभा चुनावों के एग्जिट पोल नतीजों ने सत्ताधारी गठबंधन और चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की पार्टी क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन (CDU) को बड़ा झटका दिया है। चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन को देखते हुए खुद चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने इन नतीजों को एक 'आपदा' यानी तबाही करार दिया है। एक तरफ जहां दक्षिणपंथी पार्टी 'अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी' (AfD) अपनी पकड़ मजबूत करती दिख रही है, वहीं दूसरी तरफ राजधानी बर्लिन में वामपंथी पार्टी 'डाई लिंके' ने अपनी जबरदस्त वापसी से सभी को चौंका दिया है।

एक राज्य में बुरी तरह पिछड़ी चांसलर की पार्टी

उत्तर-पूर्वी राज्य मेक्लेनबर्ग-वोर्पोमर्न में आए एग्जिट पोल के आंकड़े चांसलर मर्ज के लिए बेहद चिंताजनक हैं। यहां दक्षिणपंथी पार्टी AfD करीब 38% वोटों के साथ सबसे आगे निकल गई है। वहीं चांसलर की पार्टी CDU यहां संसद में प्रवेश पाने के लिए अनिवार्य 5% न्यूनतम वोट हासिल करना भी मुश्किल हो रहा है। अब तक पिछले 75 सालों में CDU का यह अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन माना जा रहा है। इससे पहले केवल 1951 के ब्रेमेन चुनावों में ही पार्टी का वोट प्रतिशत दहाई के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाया था।

नतीजों पर बोले मर्ज- 'हम सच से मुंह नहीं मोड़ सकते'

नतीजों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने बर्लिन में कहा कि वे इन नतीजों को किसी भी तरह बेहतर दिखाने का झूठा प्रयास नहीं कर सकते क्योंकि यह सीधे तौर पर एक बड़ी तबाही है। उन्होंने स्वीकार किया कि पार्टी ने काफी मेहनत की, लेकिन सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी (SPD) और AfD के बीच लड़ाई का खामियाजा CDU को ही भुगतना पड़ा। हालांकि, मर्ज ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि देश की आर्थिक समस्याओं को सुलझाने के लिए वे अपने कड़े सुधारवादी फैसलों पर कायम रहेंगे और पुरानी व्यवस्थाओं की ओर लौटने का सवाल ही पैदा नहीं होता।

बर्लिन में 'डाई लिंके' का दबदबा

देश के अन्य हिस्सों के मुकाबले राजधानी बर्लिन का सियासी मिजाज बिल्कुल अलग नज़र आया, जहां वामपंथी पार्टी 'डाई लिंके' 26% वोटों के साथ सबसे आगे चल रही है। जीत की खुशी में डूबी डाई लिंके की मुख्य उम्मीदवार एलिफ एराल्प ने समर्थकों से कहा कि उनके शहर ने साबित कर दिया है कि नफरत पर हमेशा प्यार और न्याय की जीत होती है। बर्लिन में लगातार बढ़ रहे मकानों के किराए, सस्ते आवासों की किल्लत और आर्थिक तंगी ही प्रमुख चुनावी मुद्दे रहे, जिन पर वामपंथी पार्टी को आम जनता का समर्थन मिला है।