
ईरान के सेना प्रमुख मेजर जनरल अमीर हातमी (फोटो- Africa is Home FB page)
US- Iran Conflict: ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के बीच ईरानी सेना के कमांडर-इन-चीफ मेजर जनरल अमीर हातमी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान पर कड़ी आपत्ति और नाराजगी जताई है जिसमें उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिकी क्षेत्र घोषित किया था। सरकारी प्रसारक 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग' (IRIB) और ईरानी मीडिया के अनुसार, मेजर जनरल हातमी ने एक कार्यक्रम के दौरान अमेरिका को सीधी चेतावनी दी।
ईरान के सैन्य प्रमुख ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति का यह दावा कि होर्मुज जलडमरूमध्य अमेरिकी अधिकार क्षेत्र में आता है, एक गैर-जिम्मेदाराना बयान है। उन्होंने कहा कि इस मामले को मजाक समझना एक गलती होगी। हातमी ने चेतावनी दी कि यह ईरान का संप्रभु क्षेत्र है, जिसकी रक्षा बहादुर सैनिक करते हैं जो देश की अखंडता को चुनौती देने वाले किसी भी व्यक्ति के पैर तोड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि ईरानी सशस्त्र बल होर्मुज की रक्षा के लिए हर स्तर पर तैयार हैं।
मेजर जनरल आमिर हतामी ने दावा किया कि US सेना को इस इलाके से पूरी तरह निकाल दिया गया है और अब उन्हें फारस की खाड़ी, ओमान सागर या होर्मुज स्ट्रेट में जाने की इजाजत नहीं है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को उनकी पुरानी स्थिति में फिर से स्थापित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और ईरान अपने पड़ोस में ऐसे किसी भी केंद्र के निर्माण का कड़ा विरोध करेगा जो उसकी सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करते हों। उन्होंने कहा कि विदेशी सेनाओं की पूरी तरह वापसी ही पूरे इलाके में सुरक्षा और स्थिरता के लिए एकमात्र जरूरी शर्त है।
ईरान के सैन्य कमांडर-इन-चीफ मेजर जनरल अमीर हातमी ने घोषणा की है कि जो कोई भी ईरानी इलाके या अधिकार क्षेत्र में घुसने वाले अमेरिकी सैनिक को पकड़ेगा या मारेगा, उसे 30,000 डॉलर का इनाम दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस काम के लिए पैसे ईरानी नागरिकों के आर्थिक योगदान से जुटाए जाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई महिला इस काम को सफलतापूर्वक अंजाम देती है, तो इनाम की रकम दोगुनी कर दी जाएगी।
Updated on:
16 Aug 2026 07:37 pm
Published on:
16 Aug 2026 07:34 pm
