
अमेरिका का E-3 AWACS विमान। (फोटो- X)
सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस को ईरान ने निशाना बनाया है। हमले के बाद जो तस्वीरें सामने आईं हैं, उसे देखने से ऐसा लग रहा है कि अमेरिका का E-3 AWACS विमान इस हमले की चपेट में आ गया है।
बता दें कि अमेरिका का E-3 AWACS (जासूसी विमान) एक उड़ता हुआ रडार और हवाई कमांड सेंटर है। जो खतरों पर नजर रखता है और अमेरिका के हवाई ऑपरेशन्स को निर्देशित करता है। इस विमान की कीमत 700 मिलियन डॉलर बताई जा रही है।
ईरान युद्ध फिलहाल चरम पर है। इस बीच, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गलीबाफ ने आरोप लगाया है कि कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद अमेरिका 'चुपके से' जमीनी अभियान की साजिश रच रहा है।
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी आईआरएनए ने गलीबाफ का बयान जारी किया। गलीबाफ ने कहा- वो सार्वजनिक तौर पर बातचीत और संवाद के संदेश भेजते हैं, जबकि गुप-चुप तरीके से जमीनी हमले की योजना भी बना रहे हैं।
गलीबाफ इससे पहले इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के कमांडर, पुलिस प्रमुख और तेहरान के मेयर रह चुके हैं।
संसद स्पीकर मोहम्मद बाघेर गलीबाफ ने कहा कि उनकी सेना अमेरिकी सैनिकों के जमीन पर आने का इंतजार कर रही है और उन्हें कड़ा जवाब देगी। ईरानी फोर्स पूरी तरह तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में 2500 अमेरिकी मरीन की तैनाती से तनाव बढ़ा है। हमारे लोग जमीन पर अमेरिकी सैनिकों के आने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि उनके क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ उन्हें सजा दे सकें।
उधर, ईरान में अमेरिकी जमीनी सैनिकों की संभावित तैनाती को लेकर बढ़ती अटकलों के बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने शनिवार को कहा कि एंफीबियस हमलावर जहाज यूएसएस त्रिपोली मध्य पूर्व में पहुंच गया है।
सेंट्रल कमांड ने एक्स पोस्ट में कहा कि यह जहाज शुक्रवार को इस क्षेत्र में पहुंचा। यह जहाज लगभग 3,500 मरीन और नाविकों को ले जाने वाला प्रमुख जहाज है।
उसने कहा कि इस समूह में परिवहन और लड़ाकू विमान, साथ ही एंफिबियस (जमीन और पानी दोनों में समान रूप से प्रभावी) हमलावर और सामरिक संपत्तियां भी शामिल हैं।
Updated on:
29 Mar 2026 04:45 pm
Published on:
29 Mar 2026 04:32 pm
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