
अब्बास अराघची (Photo - ANI)
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच युद्ध में इज़रायल (Israel) ने भी अमेरिका का पूरा साथ दिया। हालांकि यह कहना भी गलत नहीं होगा कि इज़रायल ने ही अमेरिका को इस युद्ध के लिए तैयार किया। दोनों देशों के बीच काफी अच्छे संबंध माने जाते हैं। मज़बूत सैन्य संबंध की वजह से अमेरिका लंबे समय से इज़रायल की मदद भी करता आ रहा है। ईरान के खिलाफ भी अमेरिका ने इज़रायल की जमकर मदद की है, लेकिन अब दोनों देशों के सैन्य संबंध पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने निशाना साधा है।
ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने अमेरिका और इज़रायल के सैन्य संबंध पर निशाना साधा है। अराघची ने सोशल मीडिया पर आंकड़ों का पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, "पिछले तीन वर्षों में अमेरिका ने इज़रायल की मिसाइल सुरक्षा पर टैक्सपेयर्स के 11 बिलियन डॉलर खर्च किए हैं। इज़रायल की रक्षा के लिए अमेरिका ने खुद इज़रायल से भी ज़्यादा इंटरसेप्टर दागे हैं। अमेरिका और इज़रायल सैन्य संबंध आपसी फायदे वाला सहजीवी संबंध नहीं है, बल्कि परजीवी संबंध है।"
परजीवी संबंध की स्थिति में परजीवी को ही पूरा फायदा होता है। वहीँ मेजबान/परपोषी वो होता है जो परजीवी को फायदा पहुंचता है, लेकिन इस संबंध में उसे कोई फायदा नहीं होता, बल्कि सिर्फ नुकसान ही झेलना पड़ता है। अराघची के अनुसार इज़रायल इस सैन्य संबंध में अमेरिका से पूरी तरह से फायदा ले रहा है, जबकि अमेरिका नुकसान झेलते हुए सिर्फ इज़रायल की मदद कर रहा है।
कुछ दिन पहले अराघची ने इज़रायल के अवैध विस्तार पर बयान देते हुए इसे खतरनाक बताया था। ईरानी विदेश मंत्री के अनुसार इज़रायल फिलिस्तीन और लेबनान में सैन्य कार्रवाई के नाम पर अपना अवैध विस्तार कर रहा है, जो काफी खतरनाक है। अराघची ने कहा कि इज़रायल की तरफ से फिलिस्तीन में नरसंहार मचाया जा रहा है और लेबनान में भी गलत किया जा रहा है। ईरानी विदेश मंत्री ने इज़रायल द्वारा की जा रही सैन्य कार्रवाई और नरसंहार पर रोक लगाने की मांग भी उठाई।
Updated on:
23 Oct 2026, 3:25 PM IST
Published on:
23 Oct 2026, 3:11 PM IST
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