
ड्रोन के इस्तेमाल की गई सांकेतिक तस्वीर। (फोटो- AI)
अमेरिका से शांति के समझौतों की अटकलों के बीच ईरान की ईरान की सेना ने इजराइल का एक जासूसी ड्रोन मार गिराया है। यह घटना हरमोजगान प्रांत में हुई है। इससे हॉर्मुज स्ट्रेट में नया बवाल शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
मेहर न्यूज एजेंसी ने रविवार को यह दावा किया है। इस बीच, यह भी खबर सामने आई है कि ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते के लिए एक ज्ञापन (एमओयू) जल्दी ही सामने आ सकता है।
ईरानी नौसेना की मदद से इजराइल के जासूसी ड्रोन का मलबा मिला है। यह इजराइली का 'ऑर्बिटर' ड्रोन था जो पूरी तरह टूट चुका था। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि यह ड्रोन जासूसी और निगरानी के लिए भेजा गया था। सेना ने इसे तुरंत गिरा दिया।
इस तरह की घटनाएं ईरान और इजराइल के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव को दिखाती हैं। दोनों देश एक दूसरे को दुश्मन मानते हैं और अक्सर ऐसी घटनाएं होती हैं।
ऑर्बिटर ड्रोन इजराइल की कंपनी का बना हल्का जासूसी विमान है। यह छोटा होता है, आसानी से उड़ता है और दुश्मन इलाकों की तस्वीरें और जानकारी जुटाने में इस्तेमाल होता है। ईरान का दावा है कि उन्होंने ड्रोन को अपनी हवाई सीमा में घुसते ही पहचान लिया और कार्रवाई की।
ड्रोन घटना के बावजूद अच्छी खबर भी आ रही है। सूत्र बताते हैं कि ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते पर बातचीत तेज हो गई है। एमओयू पर जल्दी हस्ताक्षर हो सकते हैं। यह दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद को कम करने की दिशा में बड़ा कदम हो सकता है।
कई विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर यह समझौता हुआ तो मध्य पूर्व में शांति की नई सुबह हो सकती है। हरमोजगान प्रांत सामरिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है।
यह हॉर्मुज की खाड़ी के पास है जहां से दुनिया का बड़ा तेल व्यापार होता है। ऐसे में किसी भी तरह की जासूसी गतिविधि पूरे इलाके को अस्थिर कर सकती है।
ईरान की सेना ने साफ कहा है कि वे अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं। किसी भी देश को अपनी हवाई या समुद्री सीमा में घुसपैठ की इजाजत नहीं दी जाएगी।
Published on:
24 May 2026 05:38 pm
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