
Masoud Pezeshkian : ‘हम नहीं झुकेंगे’... अमेरिका को ईरान की दोटूक चेतावनी (फोटो सोर्स: @ians)
Iran Nuclear Programme: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने तेहरान का रुख बेहद स्पष्ट शब्दों में सामने रखा है। भारत में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पहुंचे पेजेशकियन ने कहा कि सैन्य दबाव, प्रतिबंध और हमलों के जरिए ईरान को बातचीत की मेज पर नहीं झुकाया जा सकता। उन्होंने परमाणु कार्यक्रम पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए बातचीत का रास्ता खुला रखा, लेकिन अमेरिका के साथ तत्काल सीधी वार्ता की संभावना से इनकार कर दिया।
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका और इजरायल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि निशाना ईरान की सैन्य क्षमता है तो हमले सैन्य ठिकानों तक सीमित होने चाहिए। उनका दावा है कि नागरिक ढांचे, खाद्य आपूर्ति, पानी और दवाओं जैसी जरूरी सुविधाओं पर दबाव बनाकर आम लोगों को प्रभावित किया जा रहा है। पेजेशकियन ने साफ कहा कि इस तरह की रणनीति से ईरानी जनता को झुकाया नहीं जा सकता।
भारत यात्रा के दौरान India Today Group को दिए विशेष साक्षात्कार में पेजेशकियन ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर पश्चिमी देशों के आरोपों को भी चुनौती दी। उन्होंने कहा कि तेहरान की परमाणु गतिविधियां परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के दायरे में रही हैं और अंतरराष्ट्रीय निगरानी के बावजूद ईरान पर परमाणु हथियार विकसित करने की मंशा का आरोप लगाया जाता रहा है। उन्होंने परमाणु मुद्दे पर NPT के तहत बातचीत दोबारा शुरू करने की इच्छा जताई।
हालांकि, अमेरिका के साथ तत्काल प्रत्यक्ष वार्ता पर ईरानी राष्ट्रपति ने ब्रेक लगा दिया। उन्होंने कहा कि हालिया घटनाओं ने दोनों देशों के बीच भरोसे को बेहद कमजोर किया है। उनके मुताबिक ईरानी नेतृत्व और समाज के लिए अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की युद्ध की शुरुआत में हुई हत्या के बाद तुरंत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत करना आसान नहीं होगा। पेजेशकियन ने यह भी आरोप लगाया कि पहले समझौते की दिशा में बढ़ने के बावजूद अमेरिका पीछे हट गया।
ईरानी राष्ट्रपति ने इजरायल के परमाणु कार्यक्रम पर भी सवाल उठाया। उनका तर्क था कि जब ईरान से लगातार अंतरराष्ट्रीय जवाबदेही की मांग होती है, तब इजरायल की परमाणु क्षमताओं पर समान स्तर की जांच क्यों नहीं होती।
गाजा और लेबनान के हालात का जिक्र करते हुए पेजेशकियन ने अमेरिका और इजरायल पर आम नागरिकों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने क्षेत्रीय देशों से टकराव की जगह सहयोग का रास्ता अपनाने की अपील की।
उनका प्रस्ताव खास तौर पर महत्वपूर्ण है ईरान, सऊदी अरब, तुर्किये, पाकिस्तान और अन्य पड़ोसी देश मिलकर क्षेत्रीय शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था विकसित करें। पेजेशकियन के अनुसार, साझा सुरक्षा और व्यापार पश्चिम एशिया को लंबे संघर्ष से बाहर निकालने का रास्ता बन सकते हैं।
Updated on:
13 Sept 2026 06:53 am
Published on:
13 Sept 2026 06:31 am
