3 सितंबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Iran Israel Conflict: ईरान पर फिर बरसे ट्रंप, बोले- जंग ज्यादा लंबी नहीं चलेगी; तेहरान ने दी ‘नई रणनीति’ की चेतावनी

Donald Trump Iran: ईरान में अमेरिकी हमलों के बाद मरने वालों और घायलों की संख्या को लेकर नए आंकड़े सामने आए हैं। उधर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर बढ़ता दबाव, गिरती ईरानी मुद्रा और पश्चिमी तटों तक फैलता तनाव बता रहा है कि संकट सिर्फ मिसाइलों तक सीमित नहीं है।
2 min read
Google source verification

भारत

image

Manoj Vashisth

Sep 03, 2026

Iran Israel Conflict

Iran Israel Conflict: ट्रंप का दावा- ज्यादा लंबी नहीं चलेगी जंग, लेकिन हमला कभी भी संभव (फोटो सोर्स:@aljazeera.com)

US Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच करीब एक महीने की अपेक्षाकृत शांति के बाद फिर शुरू हुई सैन्य कार्रवाई ने पूरे पश्चिम एशिया को बेचैनी में डाल दिया है। अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जबकि डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि वॉशिंगटन जरूरत पड़ने पर दोबारा हमला कर सकता है। दूसरी ओर तेहरान ने सैन्य मोर्चे के साथ कूटनीति और आर्थिक मोर्चे पर भी नया दांव चलने का संकेत दिया है।

Iran Israel Conflict: ट्रंप का दावा- ज्यादा लंबी नहीं चलेगी जंग, लेकिन हमला कभी भी संभव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक तरफ कहा है कि ईरान के खिलाफ दोबारा शुरू हुआ सैन्य अभियान बहुत लंबे समय तक नहीं चलेगा। दूसरी तरफ उन्होंने साफ किया कि अमेरिका जरूरत पड़ने पर किसी भी समय ईरान पर फिर हमला करने की स्थिति में है।

ट्रंप के मुताबिक अमेरिकी कार्रवाई में ईरान की रडार और मिसाइल प्रणालियों के अलावा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के आसपास बनाए गए कुछ नए सैन्य ढांचे को निशाना बनाया गया। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि इन ठिकानों में कुछ रक्षा और कुछ आक्रामक क्षमता वाले सिस्टम शामिल थे।

यही विरोधाभास मौजूदा संकट को और गंभीर बनाता है। वॉशिंगटन जहां अभियान को सीमित बताने की कोशिश कर रहा है, वहीं आगे की कार्रवाई का विकल्प खुला रख रहा है।

तेहरान बोला- अब अमेरिका को दिखेगी ‘नई रणनीति’

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रेजाई ने अमेरिकी हमलों के बाद बेहद कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि तेहरान की नई रणनीति केवल युद्ध के मैदान तक सीमित नहीं होगी, बल्कि कूटनीति और अमेरिकी आर्थिक दबाव का मुकाबला करने तक फैलेगी।

रेजाई का बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच हालिया टकराव कई हफ्तों में सबसे गंभीर दौर में पहुंच गया है। ईरान पहले ही संकेत दे चुका है कि अमेरिकी सैन्य दबाव का जवाब क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और हितों पर दिया जा सकता है।

यानी आने वाले दिनों में लड़ाई सिर्फ मिसाइल और ड्रोन की नहीं, बल्कि कूटनीतिक दबाव, समुद्री रास्तों और आर्थिक प्रतिबंधों की भी हो सकती है।

अमेरिकी हमलों में 18 मौतों का दावा, बड़ी संख्या में लोग घायल

ईरानी अधिकारियों ने अमेरिकी हमलों के बाद कम से कम 18 लोगों की मौत की जानकारी दी है। उपलब्ध रिपोर्टों में घायलों की संख्या अलग-अलग समय पर अपडेट हुई है; ईरान के स्वास्थ्य अधिकारियों ने 108 घायलों की संख्या बताई थी, जबकि बाद के स्थानीय अपडेट में इससे अधिक घायल बताए गए। इसलिए आंकड़ों में अंतर बना हुआ है।

सबसे ज्यादा चर्चा दक्षिणी ईरान के कुहस्तक इलाके में हुए उस हमले की है, जिसके बारे में ईरानी पक्ष का कहना है कि एक शादी समारोह के दौरान एक आवासीय इमारत प्रभावित हुई। स्थानीय रिपोर्टों में बच्चों समेत नागरिकों के मारे जाने और दर्जनों लोगों के घायल होने की बात कही गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने नागरिकों को निशाना बनाने से इनकार किया है और कहा है कि वह रिपोर्टों की जांच कर रहा है।