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‘ट्रिगर पर है हमारी उंगली…’ इजरायल की लेबनान में तबाही पर भड़का ईरान, राष्ट्रपति की खुली चेतावनी, कहा- ‘बातचीत का कोई मतलब नहीं’

Masoud Pezeshkian Finger on The Trigger: लेबनान में इजराइली हमलों पर ईरान का सख्त रुख, राष्ट्रपति पेजेशकियान की चेतावनी, ''हमारी उंगली ट्रिगर पर… जानिए कैसे बढ़ रहा है तनाव और क्या होगा भीषण युद्ध?

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भारत

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Rahul Yadav

Apr 09, 2026

Iran President Warning to Israel

Iran President Warning to Israel (Image: ChatGPT)

Iran President Warning to Israel: मिडिल ईस्ट में हालात एक बार फिर बेहद नाजुक हो गए हैं। इजरायल के लेबनान में ताजा हमलों के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर हमले नहीं रुके तो चल रही शांति प्रक्रिया पर गंभीर असर पड़ सकता है। ऐसे समय में जब अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की कोशिशें चल रही हैं, यह बयान हालात को और तनावपूर्ण बना रहा है।

ईरान की सख्त चेतावनी

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने इजरायल की कार्रवाई को युद्धविराम का उल्लंघन बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, 'हमारी उंगलियां ट्रिगर पर हैं', यानी जरूरत पड़ने पर जवाब देने के लिए ईरान पूरी तरह तैयार है।

उन्होंने यह भी कहा कि लेबनान में जारी हमले न सिर्फ खतरनाक हैं बल्कि यह संभावित समझौतों के प्रति गंभीरता की कमी भी दिखाते हैं। उनके मुताबिक, अगर ऐसे हमले जारी रहे, तो बातचीत का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।

लेबनान हमलों से बढ़ा तनाव

रिपोर्ट्स के मुताबिक इजरायल के हालिया हमलों में लेबनान में 200 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। इन हमलों के बाद क्षेत्र में गुस्सा और चिंता दोनों बढ़ गई है। ईरान ने साफ किया है कि वह लेबनान के साथ खड़ा है। राष्ट्रपति पेजेशकियान ने कहा कि ईरान अपने 'लेबनानी भाइयों और बहनों' को कभी नहीं छोड़ेगा, जिससे यह संकेत मिलता है कि क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है।

नेतन्याहू का भी सख्त रुख

दूसरी ओर, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा युद्धविराम स्थायी नहीं है और यह 'अंत नहीं' है। नेतन्याहू ने साफ किया कि इजरायल की ''उंगली भी ट्रिगर पर है'' और अगर जरूरत पड़ी तो वह किसी भी समय फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह युद्धविराम हिजबुल्लाह पर लागू नहीं होता, और इजरायली सेना उनके खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगी।

सीजफायर के बावजूद तनाव जारी है

अमेरिका और ईरान के बीच फिलहाल दो हफ्तों का अस्थायी युद्धविराम लागू है, जिसका मकसद बातचीत के लिए समय निकालना है। इस दौरान इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच बातचीत होने की उम्मीद है, जहां पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। हालांकि, जमीनी हालात कुछ और ही कहानी बता रही है… एक तरफ बातचीत की तैयारी है तो दूसरी तरफ हमले और बयानबाजी जारी है।

होर्मुज जलडमरूमध्य है अहम मुद्दा

इस पूरे विवाद में होर्मुज जलडमरूमध्य भी एक बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है। अमेरिका चाहता है कि यह अहम समुद्री रास्ता खुला रहे, क्योंकि इससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होती है। वहीं, ईरान ने बातचीत के लिए अपनी कुछ शर्तें रखी हैं, जिनमें प्रतिबंधों में राहत और फ्रीज किए गए फंड की वापसी शामिल है।