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इजरायल चुनाव में विदेशी दखल का शक, नेतन्याहू के आरोपों से मचा बवाल; शिन बेट को एक हफ्ते में जांच के आदेश

Benjamin Netanyahu: इजरायल चुनाव में विदेशी हस्तक्षेप और गड़बड़ी के आरोपों की जांच होगी। नेतन्याहू की लिकुड पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन बहुमत के लिए जरूरी 61 सीटों से दूर है।
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भारत

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Pratiksha Gupta

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Updated: 29 Oct 2026, 1:48 PM IST

Israel Election 2026

Israel Election 2026:इजरायल में त्रिशंकु मुकाबला: नेतन्याहू और विपक्ष 51-51 सीटों पर बराबरी पर, बहुमत से 10 कदम दूर (फोटो सोर्स: ANI)

Israel Election Results: इजरायल में चुनावी नतीजों को लेकर विवाद गहरा गया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अरब पार्टियों पर रिश्वत, धमकी और चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। इसके बाद केंद्रीय चुनाव समिति के अध्यक्ष ने विदेशी हस्तक्षेप के संदेहों की जांच के लिए शिन बेट प्रमुख को निर्देश दिया है। जांच रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर पेश करने को कहा गया है।

चुनाव समिति सख्त, 7 दिनों के अंदर मांगी जांच रिपोर्ट

केंद्रीय चुनाव समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति नोम सोलबर्ग ने शिन बेट के प्रमुख डेविड जिनी को एक पत्र भेजकर जांच के आदेश दिए हैं। सोलबर्ग ने पत्र में लिखा है कि उनके सामने ऐसे गंभीर संदेह लाए गए हैं कि इजरायल विरोधी विदेशी ताकतें फंडिंग के जरिए चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रही थी। उन्होंने कहा कि हालांकि इन आरोपों की सत्यता की पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन यह मामला विदेशी हस्तक्षेप से जुड़ा है, इसलिए लोकतंत्र की साख और जनता का भरोसा कायम रखने के लिए इसकी गहराई से जांच होना बेहद जरूरी है। सुरक्षा एजेंसी को 7 दिन के अंदर अपनी जांच पूरी कर निष्कर्ष सौंपने को कहा गया है।

नेतन्याहू का आरोप, 'अरब पार्टियों ने चुराया चुनाव'

यह पूरी जांच प्रक्रिया लिकुड पार्टी के प्रमुख और मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के आरोपों के बाद शुरू हुई है। नेतन्याहू ने खुला आरोप लगाया कि अरब राजनीतिक दलों ने रिश्वत, हिंसा, धमकियों और प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके चुनाव की निष्पक्षता को नुकसान पहुंचाया है। नेतन्याहू ने कहा है कि अरब बहुल मतदान केंद्रों पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है। उनकी पार्टी ने पुलिस और जांच एजेंसियों को सबूत के तौर पर फर्जी लिफाफे, नकद राशि, दोहरी पहचान वाले वोट और हिंसा से जुड़े गवाहों के बयान सौंपने का दावा किया है। नेतन्याहू ने इसे इजरायली लोकतंत्र पर एक बड़ा हमला करार दिया है।

संसद में फंसा पेंच, किसी को नहीं मिला स्पष्ट बहुमत

इजरायल की 120 सदस्यीय संसद (नेसेट) में सरकार बनाने के लिए जरूरी 61 सीटों का आंकड़ा फिलहाल किसी भी गठबंधन के पास पहुंचता नहीं दिख रहा है। अनुमानों के अनुसार, बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को 26 सीटें मिल सकती हैं। शास और ओत्जमा येहुदित जैसे सहयोगी दलों को मिलाकर उनके गठबंधन के खाते में कुल 53 सीटें जाने का अनुमान है। वहीं, गादी आइजनकोट और नफ्ताली बेनेट जैसे नेताओं वाले विपक्षी गठबंधन को 48 सीटें मिल सकती हैं। दूसरी ओर, रा'म और ज्वाइंट लिस्ट जैसी अरब पार्टियों को 19 सीटें मिलने का अनुमान है। ऐसे में सरकार गठन के लिए बहुमत जुटाने की कोशिशों में इन दलों की भूमिका अहम हो सकती है।