
Israel Election Results (Photo-ANI)
Israel Election Results: इजराइल में चुनाव के बाद सरकार गठन को लेकर सियासी समीकरण उलझते नजर आ रहे हैं। संसद में बहुमत के आंकड़े से दूर नजर आ रहे दोनों प्रमुख राजनीतिक खेमों के बीच अरब दलों की भूमिका अहम हो सकती है। ऐसे में अरब इस्लामिक पार्टी राअम (Ra’am) के नेता मंसूर अब्बास एक बार फिर चर्चा में हैं। अब्बास की कोशिश है कि इजराइल के अरब नागरिकों की राजनीतिक ताकत को सरकार में भागीदारी और अपने समुदाय के विकास के लिए इस्तेमाल किया जाए।
27 अक्टूबर को हुए चुनाव के शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, इजराइल की 120 सदस्यीय संसद नेसेट में दोनों प्रमुख अरब-नेतृत्व वाले दलों को मिलाकर करीब 19 सीटें मिलने की संभावना जताई गई। सरकार बनाने के लिए आमतौर पर 61 सीटों की जरूरत होती है। ऐसे में अरब सांसद सरकार गठन में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, उनकी वास्तविक ताकत अंतिम नतीजों और गठबंधन वार्ता पर निर्भर करेगी।
मंसूर अब्बास पेशे से दंत चिकित्सक हैं और उत्तरी इजराइल के मगहर शहर से आते हैं। उन्होंने 2019 में इजराइल की संसद में प्रवेश किया था। वह यूनाइटेड अरब लिस्ट के नेता हैं, जिसे आमतौर पर राअम (Ra’am) के नाम से जाना जाता है। यह पार्टी इजराइल के इस्लामिक मूवमेंट की दक्षिणी शाखा से निकली है।
अब्बास की राजनीति दूसरे अरब राजनीतिक गुटों से कुछ अलग मानी जाती है। जहां कई अरब दल इजराइली सरकार की नीतियों के विरोध और फिलिस्तीनी राष्ट्रीय संघर्ष को प्राथमिकता देते हैं, वहीं अब्बास इजराइल की राजनीतिक व्यवस्था में भागीदारी पर जोर देते हैं।
उनका मानना है कि सरकार से बाहर रहकर राजनीतिक स्वतंत्रता तो बनाए रखी जा सकती है, लेकिन सत्ता में भागीदारी से बजट, कानून और प्रशासनिक फैसलों के जरिए समुदाय की समस्याओं का समाधान करने के अवसर मिलते हैं। अब्बास अरब समुदाय में हिंसक अपराध, आवास की कमी, भेदभाव और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं।
चुनाव से पहले जर्मन प्रकाशन 'कांतारा' को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी गठबंधन और सरकार का हिस्सा बनना चाहती है। उन्होंने यह भी कहा था कि पार्टी सभी नागरिकों की प्रतिनिधि बनना चाहती है, ताकि उसका समर्थन रूढ़िवादी मुस्लिम मतदाताओं से आगे भी बढ़ सके।
मंसूर अब्बास की राजनीति का सबसे अहम पड़ाव जून 2021 में आया, जब उनकी पार्टी 'राअम' ने नफ्ताली बेनेट और यायर लैपिड द्वारा बनाए गए गठबंधन में शामिल हो गई। इस गठबंधन ने बेंजामिन नेतन्याहू के प्रधानमंत्री कार्यकाल को समाप्त करने में अहम भूमिका निभाई थी।
यह इजराइल की राजनीति में ऐतिहासिक घटनाक्रम था। दशकों बाद किसी स्वतंत्र अरब पार्टी ने इजराइल की सरकार बनाने वाले गठबंधन में जगह हासिल की थी। इस गठबंधन में अलग-अलग विचारधाराओं वाली पार्टियां शामिल थीं, लेकिन नेतन्याहू की सरकार को हटाने का साझा लक्ष्य उन्हें एक साथ ले आया।
अब्बास के लिए, इस गठबंधन में शामिल होना सिर्फ दिखावा नहीं था। 'राअम' ने विकास कार्यों के लिए फंड और अरब समुदायों से जुड़े मुद्दों जैसे आवास, बुनियादी ढांचा, शिक्षा और संगठित अपराध को हल करने के लिए ठोस वादे हासिल किए। उस समय, अब्बास ने इस समझौते को 'अरब समाज के ज्वलंत मुद्दों' जिनमें शहरी योजना, आवास संकट और हिंसा शामिल हैं के समाधान के रूप में पेश किया था।
हालांकि, यह गठबंधन ज्यादा समय तक नहीं चल सका। संसद में उसका बहुमत कमजोर पड़ गया और 2022 में सरकार गिर गई। इस अनुभव से अब्बास की रणनीति की संभावनाएं और सीमाएं दोनों सामने आईं: एक अरब पार्टी सरकार में शामिल होकर अपने लिए कुछ रियायतें तो हासिल कर सकती है, लेकिन गठबंधन को बनाए रखने के लिए अलग-अलग प्राथमिकताओं वाले राजनीतिक सहयोगियों के बीच आपसी तालमेल की जरूरत होती है।
मौजूदा चुनाव के बाद एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अरब पार्टियां यह तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं कि इजराइल में अगली सरकार किसकी बनेगी। रिपोर्टों के मुताबिक, मंसूर अब्बास नई सरकार में शामिल होने के विकल्प के लिए तैयार हैं। वहीं, एक अन्य अरब गठबंधन 'ज्वाइंट लिस्ट' ने गठबंधन में शामिल हुए बिना बाहर से सरकार को समर्थन दे सकता है।
हालांकि, विपक्षी दलों के सामने राजनीतिक चुनौती भी है। बहुमत जुटाने के लिए उन्हें अरब सांसदों के समर्थन की जरूरत पड़ सकती है, लेकिन वैचारिक मतभेद और राजनीतिक संदेश को लेकर चिंताएं गठबंधन की राह मुश्किल बना सकती हैं। चुनाव से पहले समाचार एजेंसी एएफपी को दिए इंटरव्यू में अब्बास ने नेतन्याहू के नेतृत्व वाली सरकार की वापसी को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि ऐसा होना इजराइल के लिए एक बड़ी त्रासदी होगी और इसके अरब समुदाय पर गंभीर परिणाम पड़ सकते हैं।
Updated on:
29 Oct 2026, 12:13 PM IST
Published on:
29 Oct 2026, 12:08 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.