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Nepal Floods: नेपाल में जलप्रलय! 157 पार मौतें, 142 भारतीय लापता; भारतीय नागरिकों के लिए जारी हुए हेल्पलाइन नंबर

Nepal Flood Death Toll: नेपाल में आई इस भीषण आपदा ने भारत की भी चिंता बढ़ा दी है। कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए कई भारतीयों से संपर्क टूटने के बाद परिवारों की बेचैनी बढ़ गई है। भारत ने राहत सामग्री और जरूरी दवाओं की खेप भेजने के साथ प्रभावित भारतीयों के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन भी जारी की है।
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भारत

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Manoj Vashisth

Aug 27, 2026

Nepal Floods

Nepal Floods :नदी के उफान में बहा सबकुछ, 142 भारतीय लापता—भारत ने भेजी बड़ी मदद (फोटो सोर्स: ANI)

Nepal Flash Flood: नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई अचानक बाढ़ ने कुछ ही घंटों में बड़े इलाके को तबाही के मंजर में बदल दिया। रासुवा जिले में भोटे कोशी नदी के उफान ने घरों, पुलों, सड़कों और बिजली परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचाया है। ANI ने X पर बताया की हादसे में मौतों का आंकड़ा 150 के पार पहुंच गया है, जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या भारतीय नागरिकों की है। हालात की गंभीरता को देखते हुए भारत ने राहत और बचाव के लिए तत्काल सहायता भेजी है।

Nepal Flash Flood: नेपाल में तबाही की बाढ़

नेपाल के रासुवा जिले में बुधवार को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक नेपाल में 157 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि सैकड़ों लोग लापता हैं। नेपाल के साथ लगे तिब्बती इलाके में भी जान-माल का नुकसान हुआ है।

भोटे कोशी नदी में अचानक पानी और मलबे का तेज बहाव आया, जिसने रास्ते में आने वाली कई संरचनाओं को अपनी चपेट में ले लिया। पुल टूटने और सड़कें बहने से प्रभावित इलाकों तक पहुंचना भी राहत दलों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

142 भारतीयों के लापता होने से बढ़ी चिंता

इस आपदा का सबसे चिंताजनक पहलू भारतीय नागरिकों का बड़ी संख्या में लापता होना है। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में करीब 142 भारतीयों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें बड़ी संख्या कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले यात्रियों की बताई जा रही है।

नेपाल पर्यटन से जुड़े अधिकारियों के अनुसार कई विदेशी पर्यटकों और यात्रियों का अपने टूर ऑपरेटरों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इससे यह आशंका और गहरी हो गई है कि दुर्गम पहाड़ी इलाकों में फंसे लोगों तक अभी राहत दल नहीं पहुंच पाए हैं।

हेलिकॉप्टर भी नहीं कर पा रहे लैंडिंग

रासुवा के स्याफ्रुबेसी और तिमुरे जैसे इलाकों में हालात बेहद मुश्किल बताए जा रहे हैं। नेपाल सरकार ने लोगों को निकालने के लिए हेलिकॉप्टर लगाए, लेकिन कई जगह पानी का स्तर इतना ज्यादा था कि हेलिकॉप्टर सुरक्षित तरीके से उतर नहीं सके।

स्थानीय प्रशासन ने भोटे कोशी नदी के किनारे रहने वाले लोगों को तुरंत ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। नेपाल पुलिस और सेना को भी राहत एवं बचाव अभियान में लगाया गया है।

भारत ने भेजी 10 टन राहत सामग्री

नेपाल की मुश्किल घड़ी में भारत ने तत्काल मदद का हाथ बढ़ाया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के अनुसार भारत ने 10 टन मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) सामग्री और जरूरी दवाइयां नेपाल भेजी हैं। राहत सामग्री भारतीय वायुसेना के विमान के जरिए काठमांडू पहुंचाई गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बातचीत कर हर संभव मानवीय सहायता का भरोसा दिया है। भारत की ओर से आगे भी राहत सामग्री भेजे जाने की तैयारी है।

भारतीय नागरिकों के लिए जारी हुए हेल्पलाइन नंबर

नेपाल में फंसे या लापता भारतीयों के परिवारों के लिए भारतीय अधिकारियों ने आपातकालीन संपर्क नंबर जारी किए हैं।

नेपाल में भारतीय दूतावास की हेल्पलाइन:
+977 985 131 6807
+977 970 910 7500

दोनों नंबरों पर WhatsApp के जरिए भी संपर्क किया जा सकता है। प्रभावित भारतीयों और उनके परिजनों को इन माध्यमों से सहायता एवं जानकारी लेने की सलाह दी गई है।

तिब्बत में भी भारी नुकसान

नेपाल के साथ-साथ चीन के तिब्बत क्षेत्र में भी इस प्राकृतिक आपदा का असर देखने को मिला। ग्यिरोंग इलाके में भूस्खलन और बाढ़ से सड़क, संचार तथा बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई। चीन ने भी लापता लोगों की तलाश और आपदा के बाद संभावित दूसरी घटनाओं से बचाव के लिए निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता लापता लोगों का पता लगाना, फंसे यात्रियों को सुरक्षित निकालना और प्रभावित इलाकों में जरूरी चिकित्सा एवं राहत सामग्री पहुंचाना है। भारत समेत कई स्तरों पर जारी सहायता के बीच अब सभी की नजर इस बात पर है कि दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों तक राहत कितनी तेजी से पहुंचती है।