
बेंजामिन नेतन्याहू Photo - @israeliPM
Abbas Kamel's visit to Israel: इजरायल में अक्टूबर महीने के आखिरी हफ्ते में विधायी चुनाव होने हैं। बीते दो दशक से इजरायली सत्ता में धुरी बने बेंजामिन नेतन्याहू अपने सियासी सफर में अब तक के सबसे मुश्किल दौर का सामना कर रहे हैं। 7 अक्टूबर को हुए हमास के हमले का जवाब उनका पीछा नहीं छोड़ रहा है। बेंजामिन नेतन्याहू ने हमले का ठीकरा सुरक्षा एजेंसियों पर फोड़ दिया है। नेतन्याहू ने कहा कि सुरक्षा तंत्र के नाकाम रहने की वजह से हमास ने बड़े पैमाने पर हमला किया। साथ ही, उन्होंने इस बात से इनकार किया कि उन्हें गाजा से बड़े हमले की कोई चेतावनी मिली थी, जिसे उन्होंने नजरअंदाज किया हो।
इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने दावा किया कि 7 अक्टूबर 2023 की रात को इंटेलिजेंस और मिलिट्री चीफ उन्हें जगाने से डर रहे थे। नेतन्याहू ने कहा कि उन्हें डर था कि यदि वह ऐसा करते और मुझे सूचित करते तो मैं उनसे फौरन हमास पर हमला करवा देता। इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा कि सुरक्षा अधिकारियों ने हमास की तैयारियों को मिलिट्री ड्रिल या छोटा-मोटा हमला समझ लिया था, जबकि इस बात के संकेत थे कि फिलिस्तीनी चरमपंथी समूह हमले की तैयारी कर रहा था।
नेतन्याहू के मुताबिक, अधिकारियों ने हमास के लोगों को अपने फोन में इजरायली सिम कार्ड डालते और हमास के सीनियर कमांडरों को अंडरग्राउंड होते देखा था। बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि अगर सुरक्षा एजेंसी के अधिकारी उन तक ये बातें पहुंचाते तो वह पहले ही कड़ा जवाब देने का आदेश देते। अगर मुझे पता होता तो मैं नोवा (म्युजिक फेस्टिवल) रद्द करवा देता और एयरफोर्स को अलर्ट कर देता। गौरतलब बात यह है कि नोवा म्यूज़िक फेस्टिवल वही जगह है जहां 7 अक्टूबर को हमास के हमले में सैकड़ों लोग मारे गए थे।
नेतन्याहू ने उस मीडिया रिपोर्ट की भी पुष्टि की जिसमें हमास के हमले से ठीक कुछ दिन पहले मिस्र के खुफिया प्रमुख के गुपचुप तरीके से इजरायल आने का दावा किया गया था। दरअसल, मिस्र के खुफ़िया प्रमुख अब्बास कामेल 7 अक्टूबर के हमले से कुछ दिन पहले चुपके से इजरायल आए थे। यहां उन्होंने सीनियर अधिकारियों से मुलाकात की थी। जिसमें उन्होंने इजरायली अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि अगर इजरायल कैदियों की रिहाई और आर्थिक रियायतों वाले समझौते के लिए सहमत नहीं होता है, तो हमास एक बड़े हमले की योजना बना रहा है।
हालांकि, नेतन्याहू ने कहा कि वह उस दौरान कामेल से नहीं मिले थे। साथ ही, उन्हें यह पता नहीं है कि कामेल अपने दौरे के दौरान किन लोगों से मुलाकात की थी। नेतन्याहू ने कहा कि वह उस दौरान इजरायली सैनिकों के लिए एक श्रद्धांजलि समारोह में शामिल हो रहे थे। बेंजामिन ने कहा कि मैं जानना चाहता हूं कि अपने 50 मिनट के गोपनीय दौरे के दौरान मिस्र के खुफिया प्रमुख ने किन लोगों से मुलाकात की थी। नेतन्याहू ने एक बयान जारी कर कहा था कि मिस्र से कोई शुरुआती संदेश नहीं आया था और सरकार बनने के बाद से प्रधानमंत्री ने खुफिया प्रमुख से न तो सीधे और न ही परोक्ष रूप से कोई बात की या मुलाकात की।
दरअसल, पिछले महीने द अटलांटिक ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि मिस्र के खुफिया प्रमुख अब्बास कामेल ने 7 अक्टूबर के हमले से 11 दिन पहले गुप्त रूप से इजरायल का दौरा किया था और चेतावनी दी थी कि हमास एक महत्वपूर्ण हमले की तैयारी कर रहा है और आगे के तनाव को रोकने के लिए समय कम होता जा रहा है। इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि मिस्र की खुफिया सेवाओं से जुड़ा एक चार्टर्ड सेसना विमान बेन-गुरियन हवाई अड्डे पर उतरा था। अटलांटिक ने रिपोर्ट किया कि उस जहाज पर कामेल भी सवार थे। जो उस समय मिस्र की जनरल इंटेलिजेंस सर्विस के प्रमुख के रूप में कार्यरत थे। इस रिपोर्ट में कामेल को मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी के सबसे करीबी व्यक्तियों में से एक बताया गया।
Updated on:
14 Oct 2026 09:56 am
Published on:
14 Oct 2026 09:56 am
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