
Flydubai फ्लाइट और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू। (फोटो- ANI)
Smit Machchhar: कैप्टन स्मित मच्छार पर हुए कॉकपिट हमले के बाद फ्लाईदुबई की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाली इजरायली सरकार ने एयरलाइन की इजरायल के लिए उड़ान सेवाएं फिर से शुरू करने की मांग को फिलहाल ठुकरा दिया है। एक सप्ताह पहले तेल अवीव जा रही फ्लाइट में ओमानी सह-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन मच्छार पर हमला किया था, जिससे विमान में सवार 170 से अधिक यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई थी।
तेल अवीव की ओर बढ़ रही फ्लाईदुबई की इस फ्लाइट में ओमानी सह-पायलट हम्माम अल-हम्मामी ने अचानक कॉकपिट में रखी इमरजेंसी कुल्हाड़ी निकाली और भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया। इस अचानक हुए वार से कैप्टन स्मित की खोपड़ी की हड्डी टूट गई और गंभीर चोट आई। इसके बावजूद भारतीय पायलट ने हिम्मत नहीं हारी। खून से लथपथ होने के बाद भी उन्होंने सह-पायलट को काबू में किया और विमान का नियंत्रण अपने हाथों में बनाए रखा।
विमान में सवार 170 से ज्यादा यात्रियों में ज्यादातर इजरायली नागरिक थे। सह-पायलट का यह हमला किसी बड़े हादसे या आतंकवादी घटना को अंजाम देने की कोशिश माना जा रहा है। हालांकि, कैप्टन स्मित मच्छार की सतर्कता और बहादुरी की वजह से यह विमान किसी बड़े हादसे का शिकार होने से बच गया।
हादसे के एक हफ्ते बाद फ्लाईदुबई ने इजरायल में अपनी सेवाएं दोबारा शुरू करने की इजाजत मांगी थी। एयरलाइन की तरफ से कहा गया कि मामले की जांच लगभग पूरी हो चुकी है और जिम्मेदार कर्मियों को नौकरी से हटा दिया गया है। एयरलाइन ने इजरायल के परिवहन मंत्रालय के अधिकारियों को दुबई आने का न्योता भी भेजा। हालांकि, इजरायल की परिवहन मंत्री मिरी रेगेव ने सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए एयरलाइन की इस अर्जी को फिलहाल सिरे से खारिज कर दिया है।
30 सितंबर को फ्लायदुबई की फ्लाइट दुबई से तेल अवीव (इजरायल) जा रही थी। विमान में क्रू सहित करीब 180 लोग सवार थे। उड़ान के दौरान सह-पायलट हमम अल-हम्मामी ने कॉकपिट में कैप्टन मच्छार पर हमला किया और विमान का नियंत्रण लेने की कोशिश की थी। इस दौरान विमान कुछ ही देर में करीब 14 हजार फीट नीचे आ गया था।
Updated on:
07 Oct 2026 10:01 am
Published on:
07 Oct 2026 09:29 am
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