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हूती विद्रोहियों के कब्ज़े वाले मोचा शहर पर सऊदी अरब ने की एयरस्ट्राइक्स

Houthis-Saudi Arabia Conflict: सऊदी अरब ने यमन के मोचा शहर पर एक बार फिर एयरस्ट्राइक्स की है। इस शहर पर हूती विद्रोहियों का कब्ज़ा है।
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भारत

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Tanay Mishra

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Updated: 28 Oct 2026, 3:55 PM IST

Saudi Arabia attacks Yemen

यमन पर सऊदी अरब का हमला (File Photo)

यमन (Yemen) के हूती विद्रोहियों (Houthis) और सऊदी अरब (Saudi Arabia) के बीच स्थिति काफी गंभीर हो गई है। दोनों पक्ष रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं और एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं, जिससे तनाव बढ़ता ही जा रहा है। इसी बीच अब आज एक बार फिर सऊदी अरब की एयरफोर्स ने हूतियों के कब्ज़े वाले शहर पर एयरस्ट्राइक्स कर दी।

मोचा पर सऊदी अरब ने की एयरस्ट्राइक्स

लाल सागर (Red Sea) के पास स्थित बंगरगाह शहर मोचा (Mocha) पर आज सऊदी अरब ने फिर एयरस्ट्राइक्स कर दी। हूती समर्थित मीडिया ने जानकारी दी कि सऊदी अरब ने मोचा में एक सिक्योरिटी एडमिन बिल्डिंग पर एयरस्ट्राइक्स कर दी। इस हमले में जान-माल का कितना नुकसान हुआ, फिलहाल इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।

रणनीतिक नज़रिए से अहम है मोचा

मोचा लाल सागर के पास स्थित बंदरगाह शहर है, जो रणनीतिक नज़रिए से बेहद अहम है। कुछ समय पहले ही मोचा शहर पर हूती विद्रोहियों ने कब्ज़ा किया था। यह बाब अल-मंदेब स्ट्रेट (Bab al-Mandeb Strait) के भी नज़दीक है। भौगोलिक स्थिति के कारण यह वैश्विक व्यापार मार्ग के लिए महत्वपूर्ण है। इस शहर से लाल सागर और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के रास्ते से गुज़रने वाले तेल और अन्य सामान की आवाजाही भी प्रभावित की जा सकती है।

हूती विद्रोही और सऊदी अरब क्यों हैं एक-दूसरे के खिलाफ?

यमन में 2014 के आखिर में संघर्ष तब शुरू हुआ जब हूतियों ने सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया। इसके बाद सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने मार्च 2015 में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में दखल दिया। तभी से दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है और दोनों ही एक-दूसरे के खिलाफ हैं। पिछले दो महीने में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमले करते हुए तनाव को और बढ़ा दिया है। हूतियों को ईरान (Iran) का समर्थन प्राप्त है तो वहीँ सऊदी अरब की तरफ से यमन की सरकारी सेना को समर्थन प्राप्त है। हालांकि ईरान ने हूतियों और सऊदी अरब के बीच तनाव को मुस्लिम एकता के लिए गलत बताते हुए दोनों पक्षों में बातचीत के ज़रिए मामले को सुलझाने के लिए मध्यस्थता का प्रस्ताव दिया है।