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यमन की सेना को हूती विद्रोहियों के खिलाफ मिली कामयाबी, बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के पास कई ठिकानों पर कब्ज़े का दावा

Yemen Conflict: यमन में सरकारी सेना और हूती विद्रोहियों के बीच जंग जारी है। इस जंग में अब यमनी सेना को हूतियों के खिलाफ कामयाबी मिली है।
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भारत

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Tanay Mishra

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Updated: 28 Oct 2026, 3:18 PM IST

Yemen soldiers

यमनी सैनिक (File Photo)

हूती विद्रोहियों (Houthis) और यमन (Yemen) की सरकारी सेना के बीच जंग रुकने का नाम नहीं ले रही है। दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे के ठिकानों पर हमले कर रहे हैं। यमनी सेना हूतियों के रणनीतिक रूप से अहम ठिकानों पर कब्ज़ा करने के मिशन को भी तेज़ी से आगे बढ़ा रही है और इस अभियान में सेना को हूतियों के खिलाफ कामयाबी मिली है।

बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के पास कई ठिकानों पर कब्ज़े का दावा

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यमन की सेना ने दावा किया है कि उन्होंने दक्षिण-पश्चिमी यमन के बाब अल-मंदेब स्ट्रेट (Bab al-Mandeb Strait) इलाके में एक अभियान के दौरान कई ठिकानों पर कब्ज़ा कर लिया है। इनमें पहाड़ियों की चोटियों सहित कई रणनीतिक ठिकाने शामिल हैं।

मारे गए कई हूती लड़ाके

यमन की सेना ने जानकारी दी कि इस अभियान के दौरान कई हूती लड़ाके मारे गए। कई हूती लड़ाके सेना के हमले में घायल भी हो गए। यमन की सेना को इस अभियान में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन की सेना ने हवाई सहायता मुहैया कराई।

यमन में जंग से खाने का संकट हुआ पैदा

यमन में चल रही जंग की वजह से खाने का संकट पैदा हो गया है, जिससे जनता को काफी परेशानी हो रही है। वर्ल्ड फ़ूड प्रोग्राम - डब्ल्यूएफपी (World Food Programme - WFP) की रिपोर्ट के अनुसार यमन में तेज़ी से बढ़ रही जंग की वजह से 8 लाख लोगों तक खाद्य सहायता नहीं पहुंच पा रही है। जंग के बदलते मोर्चों, बंद सड़कों और सुरक्षा की बिगड़ती स्थितियों की वजह से कई अहम इलाकों तक खाद्य सहायता का पहुंचना बहुत मुश्किल हो गया है।

जंग का सबसे ज़्यादा असर ताइज़ शहर पर पड़ा है। यह ताइज़ प्रांत की राजधानी होने के साथ ही देश का तीसरा सबसे बड़ा शहर है और जंग से सबसे ज़्यादा प्रभावित शहर है। ताइज़ में जंग, लगातार हो रहे हमलों और सड़कों के बंद होने की आशंका के कारण हज़ारों विस्थापित परिवारों वाले इलाकों तक पहुंचना लगभग नामुमकिन सा हो गया है, जिससे इन परिवारों को काफी परेशानी हो रही है। वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के अनुसार अकेले ताइज़ में ही 6 लाख से ज़्यादा लोग खाद्य सहायता से वंचित हो गए हैं, जिनमें लगभग 2 लाख महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा यमन के पश्चिमी तट पर भी हाल ही में मदद पहुंचाने में रुकावटें देखने को मिली हैं।