29 मार्च 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

16 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमलों के बाद UAE ने तुरंत ले लिया ईरान से बदला, जब्त कर ली 530 बिलियन डॉलर की संपत्ति

ईरान ने अमेरिका-इजराइल समर्थन के लिए यूएई पर आज हमला किया। यूएई ने ईरान से दागी गई 16 बैलिस्टिक मिसाइलें और 42 ड्रोन नष्ट कर दिए।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Mukul Kumar

Mar 29, 2026

UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान और ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई। (फोटो- ANI)

ईरान युद्ध चरम पर है। अमेरिका-इजराइल की मदद करने के लिए ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात पर आज कड़ा हमला बोला था। यूएई ने बताया कि उसने आज ईरान से दागी गईं 16 बैलिस्टिक मिसाइलों और 42 ड्रोनों को नष्ट कर दिया है।

यूएई के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से, ईरान ने अमीरात पर 414 बैलिस्टिक मिसाइलें, 15 क्रूज मिसाइलें और 1,914 ड्रोन दागे हैं। साथ ही यूएई ने यह भी जानकारी दी कि इन हमलों को लेकर उसने भी ईरान को कड़ा जवाब दिया है।

यूएई ने ईरान की 530 बिलियन डॉलर की संपत्ति जब्त कर ली है। साथ ही '99 साल की रेजीडेंसी' के वादों के बावजूद गोल्डन वीजा सहित सभी रेजीडेंसी परमिट रद्द कर दिए हैं। यह ईरान के लिए एक तरह से बड़ा झटका है।

UAE ने कहा- मिसाइल के खतरे का जवाब दे रही हैं हवाई सुरक्षा प्रणालियां

UAE के रक्षा मंत्रालय ने यह भी कहा है कि उसकी हवाई सुरक्षा प्रणालियां ईरानी मिसाइल के खतरे का जवाब दे रही हैं। मंत्रालय ने निवासियों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और आधिकारिक जानकारियों पर नजर रखने का आग्रह किया है। फिलहाल, इस संबंध में तत्काल कोई और विवरण नहीं दिया गया है।

राष्ट्रपति के सलाहकार ने क्या कहा?

इस बीच, UAE के राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गर्गश ने कहा कि खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों से निपटने वाले किसी भी राजनीतिक समाधान में, महत्वपूर्ण ठिकानों और आम नागरिकों को निशाना बनाने के लिए ईरान द्वारा दिए जाने वाला मुआवजा भी शामिल होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि इन समाधानों में, भविष्य में ऐसे हमलों की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए स्पष्ट गारंटी भी शामिल होनी चाहिए।

समझौते को लेकर चल रही बात

बता दें कि युद्ध को लेकर समझौते की बात लगातार चल रही है। सऊदी अरब के विदेश मंत्री आज इस्लामाबाद पहुंच गए हैं, जहां वे पाकिस्तान, मिस्र और तुर्किये के अधिकारियों के साथ होने वाली एक बैठक में शामिल होंगे।

ऐसी खबरें हैं कि ईरान और अमेरिका दोनों तरफ से युद्ध को रोकने के लिए महत्वपूर्ण शर्तें रखी गईं हैं, लेकिन दोनों तरफ से किसी को वह शर्तें मंजूर नहीं हैं। यही वहज है कि युद्ध जारी है।