
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Photo- IANS)
Trump on Iran attack: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरान के रात भर चले हमले का माकूल जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम उन पर जोरदार हमला करेंगे।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की सभी मिसाइलों को रोक दिया, सिवाय एक के। उस एक मिसाइल को इसलिए जाने दिया गया क्योंकि उससे किसी अहम चीज के टकराने की उम्मीद नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान बातचीत करने का इच्छुक है, लेकिन उन्होंने सवाल उठाया कि क्या तेहरान पर किसी समझौते के लिए भरोसा किया जा सकता है, खासकर तब जब अमेरिका के प्रतिबंधों का असर जारी है।
ईरान ने कहा है कि वह अपनी जमीन और हितों के खिलाफ आगे की किसी भी सैन्य कार्रवाई का निर्णायक जवाब देगा। इसके साथ ही उसने किसी भी संभावित तनाव बढ़ने के लिए अमेरिका और उसके सैन्य अभियानों का समर्थन करने वाले देशों को जिम्मेदार ठहराया है।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उसके सशस्त्र बलों ने लारक द्वीप पर अमेरिकी हमले के जवाब में जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों का इस्तेमाल लारक द्वीप पर हमले को अंजाम देने और उसे समर्थन देने के लिए किया गया था। ईरान का दावा है कि इस हमले में उसके सशस्त्र बलों के कई सदस्य और आम नागरिक मारे गए। बड़ी तादाद में लोग घायल भी हुए।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा। मंत्रालय ने चेतावनी दी कि यदि ईरान के खिलाफ सैन्य आक्रामकता दोहराई गई तो उसका जवाब निर्णायक होगा। तेहरान ने यह भी कहा कि अमेरिका तथा उसके सैन्य अभियानों को समर्थन देने वाले पक्ष संभावित रूप से संघर्ष बढ़ने की स्थिति के लिए पूरी तरह जिम्मेदार होंगे।
अमेरिकी सेना ने रविवार को ईरान के लारक द्वीप पर दो रॉकेट लॉन्चर्स को निशाना बनाया। लारक द्वीप होर्मुज स्ट्रेट के पास है। अमेरिका के मुताबिक, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के जवान यहां से होर्मुज स्ट्रेट में रॉकेट और समुद्री बारूदी सुरंगें लॉन्च करने की तैयारी में थे।
अमेरिकी हमले के कुछ देर बाद ईरान ने जॉर्डन स्थित दो अमेरिकी एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया। ईरान की प्रेस टीवी के मुताबिक, किंग हुसैन और अल-अजराक एयरबेस के रखरखाव ढांचे और लड़ाकू विमानों के स्थलों को निशाना बनाया गया। हालांकि, अल-अरबिया के मुताबिक, जॉर्डन की एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया।
Published on:
31 Aug 2026 08:07 pm
