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ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान ने बताई अमेरिका के साथ बातचीत फेल होने की वजह; ट्रंप पर लगाए गंभीर आरोप

Donald Trump c=Ceasefire Extension: ईरानी राष्ट्रपति ने बताया कि दोनों देशों के बीच इसलिए वार्ता नहीं हो पा रही क्योंकि अमेरिका की कथनी और करनी में अंतर है।

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भारत

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Ashib Khan

Apr 23, 2026

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मसूद पेजेशकियन ने बताई बातचीत फेल होने की वजह (Photo-IANS)

US-Iran Talks: अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता क्यों नहीं हुई, इसको लेकर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने जानकारी दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के दावे और उनकी कार्रवाई में बड़ा अंतर है, जिसे पूरी दुनिया देख रही है।

ट्रंप पर लगाए आरोप

ईरानी राष्ट्रपति ने बताया कि दोनों देशों के बीच इसलिए वार्ता नहीं हो पा रही क्योंकि अमेरिका की कथनी और करनी में अंतर है। इसके अलावा उन्होंने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी और डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगातार दी जा रही धमकियों को भी कारण बताया।

उन्होंने लिखा- दुनिया अमेरिका के पाखंडी बयानों और समझौतों व वास्तविकता के बीच विरोधाभास को देख रही है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ईरान कभी बातचीत और समझौते के खिलाफ नहीं रहा है।

पाकिस्तान में प्रस्तावित वार्ता टली

इस हफ्ते पाकिस्तान में होने वाली अमेरिका-ईरान वार्ता टाल दी गई है। दरअसल, यह फैसला उस समय आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर बढ़ाने का ऐलान किया।

ईरान ने कहा कि वह ईरान को एक साझा प्रस्ताव तैयार करने के लिए समय दे रहे हैं, यह अनुरोध पाकिस्तान की ओर से किया गया था जो इस बातचीत में मध्य की भूमिका निभा रहा है।

दोनों देशों के बीच तनाव जारी

बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर बढ़ाने के बावजूद दोनों देशों के बीच तनाव कम नहीं हुआ है।ईरान ने तीन जहाजों MSC Francesca, Epaminondas और Euphoria को कब्जे में ले लिया है। वहीं अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नौसेना नाकेबंदी जारी रखी है।

ईरान प्रस्ताव पर ईरान ने नहीं दी समयसीमा

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने स्पष्ट किया कि ईरान ने ईरान के प्रस्ताव के लिए कोई तय समयसीमा नहीं रखी है। उन्होंने कहा कि कुछ रिपोर्ट्स में 3-5 दिन की डेडलाइन की बात कही जा रही है, जो गलत है। राष्ट्रपति खुद तय करेंगे कि समयसीमा क्या होगी।

नाकेबंदी बनी सबसे बड़ा विवाद

ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा विवाद उभरी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भले ही सीजफायर बढ़ाया हो, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य के पास जारी नाकेबंदी को हटाने के संकेत नहीं दिए हैं। 

ट्रंप ने कहा कि मैंने सेना को निर्देश दिया है कि नाकेबंदी जारी रखी जाए और हर स्थिति के लिए तैयार रहे। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र में ईरान के दूत अमीर-सईद इरावानी ने संकेत दिए हैं कि अमेरिका नाकेबंदी हटाने को लेकर कुछ सकारात्मक रुख दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे ही यह नाकेबंदी खत्म होगी, इस्लामाबाद में बातचीत का अगला दौर शुरू हो सकता है।